Nirbhaya Case Latest News: दोषियों को फांसी देने की तैयारी, जेल अधिकारियों ने पूछा- क्या परिवार से आखिरी बार मिलना चाहते हैं

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली:Nirbhaya Case Latest News Updates - तिहाड़ जेल प्रशासन निर्भया गैंगरेप मामले में सजायाक्ता दोषियों को फांसी देने की तैयारियों में जुट गया है. इस मामले में दोषी चारों आरोपियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी दिया जाना है. इस संबंध में तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने दोषियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि क्या वो आखिरी बार अपने परिवार से मिलना चाहते हैं.

मिलता है परिजनों से मुलाकात का मौका

जेल प्रशासन के नोटिस के जवाब में चारों दोषियों में से दो मुकेश और पवन ने कहा कि वो 1 फरवरी को डेथ वारंट जारी होने से पहले ही अपने परिजनों से मिल चुके हैं. अब अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा से पूछा गया है कि वो कब मिलना चाहते हैं. बता दें कि कानून के मुताबिक फांसी देने से पहले दोषी को परिजनों से आखिरी मुलाकात का मौका दिया जाता है. इसके अलावा उनसे उनकी आखिरी इच्छा भी पूछी जाती है.

Tihar Jail Official: Have written to all four Nirbhaya case convicts in connection with their last meeting with families. Mukesh and Pawan were told that they had already met their families before February 1 death warrant. Akshay& Vinay have now been asked when they want to meet

— ANI (@ANI) February 22, 2020

दो बार टल चुकी है दोषियों की फांसी

बता दें कि निर्भया को दोषियों की फांसी पहले भी दो बार टल चुकी है. पहले कोर्ट ने 22 जनवरी का दिन फांसी के लिए तय किया था लेकिन दोषियों द्वारा रिव्यु पीटीशन दाखिल करने की वजह से ये टल गया था. बाद में 1 फरवरी का दिन फांसी के लिए तय किया गया लेकिन कुछ दोषियों की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित रहने की वजह से फांसी टल गयी. अब 3 मार्च का दिन फांसी के लिए तय किया गया है.


अब दोषियों के पास कोई कानूनी विकल्प भी नहीं बच गया है. हालांकि दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने विनय के सिजोफ्रेनिक होने की दलील देकर माफी की गुहार लगाई है. हालांकि बचाव की संभावना नहीं के बराबर है.

इस बीच ताजा जानकारी के मुताबिक निर्भया मामले में दोषियों में एक पवन गुप्ता ने जेल में अपने कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने से इंकार कर दिया है. ताजा जानकारी के मुताबिक पवन गुप्ता के पास अब बचाव के लिए कोई कानूनी विकल्प नहीं रह गया है.

निर्भया केस से दहल गया था पूरा देश

बता दें कि साल 2012 में 16 दिसंबर की रात को राजधानी दिल्ली में एक पारामैडिकल की 23 वर्षीय छात्रा के साथ एक चलती बस में छह लोगों ने गैंगरेप किया था. छात्रा और उसके पुरूष मित्र के साथ मारपीट भी की गयी थी. बुरी तरह से जख्मी छात्रा को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. इसके बाद पीड़िता को सिंगापुर ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसने 28 दिसंबर को दम तोड़ दिया.

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