भारी संकट से गुजर रहा दूरसंचार उद्योग, 1.74 लाख करोड़ रुपये का है बकाया
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

नयी दिल्ली : दुनिया में सबसे सस्ती डाटा सेवाएं मुहैया कराने वाला भारत का दूरसंचार उद्योग भारी संकट से गुजर रहा है. इस क्षेत्र पर 1.74 लाख करोड़ का बकाया है. कीमतों को लेकर कंपनियों में चल रही प्रतिस्पर्धा से इस उद्योग को भारी नुकसान हुआ है. लगातार घाटे ने कई कंपनियों को इस क्षेत्र […]
विज्ञापन
नयी दिल्ली : दुनिया में सबसे सस्ती डाटा सेवाएं मुहैया कराने वाला भारत का दूरसंचार उद्योग भारी संकट से गुजर रहा है. इस क्षेत्र पर 1.74 लाख करोड़ का बकाया है. कीमतों को लेकर कंपनियों में चल रही प्रतिस्पर्धा से इस उद्योग को भारी नुकसान हुआ है. लगातार घाटे ने कई कंपनियों को इस क्षेत्र से बाहर कर दिया है. एक समय इस उद्योग में सात-आठ कंपनियां थीं, जो घटकर अब तीन हो गयी है. चौथी सरकारी कंपनी है.
सुप्रीम कोर्ट के नॉन-कोर राजस्व को भी कंपनियों के कुल समेकित राजस्व (एजीआर) में शामिल करने के आदेश से मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली जियो एवं पुरानी दूरसंचार कंपनियों के बीच प्रतिद्वंद्विता और बढ़ गयी है. हालांकि, टैरिफ बढ़ाने और नियामक के फ्लोर या न्यूनतम टैरिफ तय करने के लिए किये जा रहे हस्तक्षेप का दोनों पक्षों से समर्थन मिलने के संकेत दिख रहे हैं.
सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक राजन मैथ्यूज ने दूरसंचार क्षेत्र के लिए फ्लोर प्राइज की वकालत करते हुए कहा कि हमने वॉइस कॉल से वीडियो कॉल की सुविधा में बिना ज्यादा खर्च बढ़ाये विस्तार किया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










