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कृत्रिम बुद्धिमत्ता में डिग्री पाठ्यक्रमों, पेशेवर प्रशिक्षण आज के समय की जरूरत

Updated at : 30 Nov 2019 9:25 PM (IST)
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता में डिग्री पाठ्यक्रमों, पेशेवर प्रशिक्षण आज के समय की जरूरत

नयी दिल्ली: विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते प्रौद्योगिकी परिदृश्य के साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता में डिग्री पाठ्यक्रमों और पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जरूरत है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में वैकल्पिक विषय के तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को पेश कर दिया है लेकिन फिर भी देश में कम अवधि के पाठ्यक्रमों के […]

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नयी दिल्ली: विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते प्रौद्योगिकी परिदृश्य के साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता में डिग्री पाठ्यक्रमों और पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जरूरत है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में वैकल्पिक विषय के तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को पेश कर दिया है लेकिन फिर भी देश में कम अवधि के पाठ्यक्रमों के अलावा इस क्षेत्र में कोई पूर्णकालिक डिग्री पाठ्यक्रम नहीं है.

पीयर्सन प्रोफेशनल प्रोग्राम्स (पीपीपी) के उपाध्यक्ष वरुण धमीजा ने कहा, डिजीटल युग और तेजी से बदलने औद्योगिक परिदृश्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता कई उद्योगों को प्रभावित कर रही है और नौकरी की भूमिकाओं को बदल रही है. लगभग हर उद्योग में दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता की ओर देख रही है और इसे औद्योगिक तथा स्मार्टफोन क्रांति में अगला बड़ा तकनीकी परिवर्तन माना जा रहा है.

उन्होंने कहा, हमारे हाल के सर्वेक्षण के अनुसार, 60 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि दुनिया ऐसे मॉडल की बढ़ रही है, जहां लोग जीवनभर के लिए शिक्षा में भाग लेते हैं. अधिक से अधिक मंजे हुए पेशेवर, नौसिखिये युवा और मध्य स्तर के कर्मचारियों को अब अहसास हो गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य क्षेत्रों में अपने कर्मचारियों को कुछ नया सिखाने और औपचारिक प्रशिक्षण की जरूरत है.

इस पृष्ठभूमि को देखते हुए हम न केवल कम अवधि की या व्यावसायिक शिक्षा की मांग देखेंगे बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित पूर्ण पाठ्यक्रम देखेंगे. बिरलासॉफ्ट के चीफ पीपुल ऑफिसर समित देब ने कहा, विश्वविद्यालयों और कुशल कर्मचारियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधित पाठ्यक्रमों में काफी वृद्धि देखी गयी है और यह खाई केवल एक पारिस्थितिकी के सह-संबंध से भरी जा सकती है जहां उद्योग के बड़े दिग्गज और शिक्षाविद् साथ आकर और अधिक औद्योगिक प्रशिक्षण दें तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित नये पाठ्यक्रम तैयार करें.

संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले महीने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया जिसे दुनिया का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होने का दावा किया गया है. मोहम्मद बिन जायेद यूनिवर्सिटी ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एमबीजेडयूएआई) स्नातक के छात्रों को पाठ्यक्रम की पेशकश दे रहा है. वह अपने पहले मास्टर और पीएचडी कार्यक्रमों के लिए भी आवेदन ले रहा है. इसकी कक्षाएं अगले साल 20 सितंबर को शुरू होने की संभावना है.

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