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कांग्रेस नेता सिंघवी ने दे डाली में रांची-अमरावती को देश की राजधानी बनाने की सलाह, जानिये क्यों...?

Updated at : 05 Nov 2019 9:05 PM (IST)
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कांग्रेस नेता सिंघवी ने दे डाली में रांची-अमरावती को देश की राजधानी बनाने की सलाह, जानिये क्यों...?

नयी दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर देश में रांची और अमरावती समेत दो या चार राजधानी बनाने की सलाह दे दी. उन्होंने ट्वीट कर सुझाव दिया है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए भारत में कई राजधानियां होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली […]

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नयी दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर देश में रांची और अमरावती समेत दो या चार राजधानी बनाने की सलाह दे दी. उन्होंने ट्वीट कर सुझाव दिया है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए भारत में कई राजधानियां होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली की पूरी स्थिति मुझे यह देखने पर मजबूर करती है कि आखिर दुनिया भर में क्या हो रहा है.

ट्वीट में कांग्रेसी नेता ने आगे कहा कि इंडोनेशिया अपनी राजधानी बदल रहा है. ऑस्ट्रेलिया में कैनबरा को सुचारू संचालन के लिए काम कर रही है… भारत में दो से चार राजधानियों क्यों नहीं हैं? कांग्रेस नेता सिंघवी ने अपने ट्वीट में आगे कहा कि अलग-अलग राजधानियां, क्योंकि दिल्ली पहले से ही भूमि और संसाधनों पर अधिक दबाव से जूझ रही है. मुंबई और कोलकाता को राजधानी बनाने का सुझाव देना सही नहीं है. अमरावती और रांची अच्छी राजधानी साबित हो सकती हैं. उन्होंने लिखा है कि संसद और सुप्रीम कोर्ट में वैकल्पिक सत्र हो सकते हैं. सांसदों के आवास स्थायी नहीं होते हैं, उनके लिए एक ही बंगला पर्याप्त है.

दरअसल, देश की राजधानी दिल्ली पिछले 27 अक्टूबर को दिवाली के बाद से ही धुंध की एक मोटी चादर में लिपटकर रह गयी है. यहां की हवा में प्रदूषण की मात्रा को लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार में पहले से ही ठनी हुई है. दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब और हरियाणा के किसानों के द्वारा जलायी जा रही पराली को जिम्मेदार मानते हैं और वे लगातार केंद्र सरकार पर इस बात का दबाव बना रहे हैं कि वह पड़ोसी राज्यों में किसानों के द्वारा पराली जलाने पर अंकुश लगाने की दिशा में कदम उठाये.

इस बीच, बीते दिनों पीएम मोदी के मुख्य सचिव पीके मिश्रा और कैबिनेट सचिव ने बैठक कर दिल्ली को प्रदूषित हवाओं से बचाने को लेकर चर्चा की. रविवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 494 था, जो 6 नवंबर, 2016 के बाद से उच्चतम स्तर था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, हवा की गति में मामूली वृद्धि के कारण सोमवार सुबह हवा की गुणवत्ता में मामूली गिरावट आयी, लेकिन यह ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा (348), नोएडा (358), गाजियाबाद (351), फरीदाबाद (311) और गुड़गांव (328) में भी वायु की गुणवत्ता में सुधार आया. एक्यूआई 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मध्यम’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘अत्यंत खराब’, 401-500 के बीच ‘गंभीर’ और 500 के पार ‘बेहद गंभीर’ माना जाता है.

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