पर्यावरण मंत्री का बयान- दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिये पंजाब, हरियाणा को दोष देना ठीक नहीं

Updated at : 01 Nov 2019 2:59 PM (IST)
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पर्यावरण मंत्री का बयान- दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिये पंजाब, हरियाणा को दोष देना ठीक नहीं

नयी दिल्लीः पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली में लगातार गहराते वायु प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता में खराबी के लिये पंजाब और हरियाणा पर दोष मढ़ने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि प्रदूषण के मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है. जावड़ेकर […]

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नयी दिल्लीः पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली में लगातार गहराते वायु प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता में खराबी के लिये पंजाब और हरियाणा पर दोष मढ़ने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि प्रदूषण के मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है.

जावड़ेकर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में विभागीय कामकाज के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों की शुरुआत करते हुये कहा, दिल्ली के मुख्यमंत्री प्रदूषण के विषय पर राजनीति कर रहे हैं. वह आरोप प्रत्यारोप में लगे हैं. दिल्ली के प्रदूषण के लिये पंजाब और हरियाणा को दोष देना ठीक नहीं है. उल्लेखनीय है कि केजरीवाल ने दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंचने के लिये पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने को मुख्य वजह बताई है.

केजरीवाल ने दिल्ली के बच्चों से पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर पराली जलाने पर रोक लगाने की अपील की है ताकि दिल्ली को दूषित हवा की चपेट से बाहर निकाला जा सके. जावड़ेकर ने केजरीवाल के इस आरोप को गलत बताते हुये कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिये पड़ोसी राज्यों को दोषी ठहरा रहे हैं.

जावड़ेकर ने दलील दी कि दिल्ली में वाहन जनित वायु प्रदूषण हवा की गुणवत्ता को बिगाड़ने की प्रमुख वजह थी. इस पर नियंत्रण के लिये मोदी सरकार ने ‘पेरीफेरल एक्सप्रेस वे’ का निर्माणकार्य पांच साल में पूरा कराया जिसके कारण दिल्ली से होकर दूसरे राज्यों को जाने वाले वाहनों की संख्या में प्रतिदिन लगभग 60 हजार की कमी आई है.

उन्होंने कहा, दिल्ली के मुख्यमंत्री प्रदूषण के विषय पर राजनीति कर रहे हैं. मैं इस स्तर पर बात नहीं करना चाहता हूं, लेकिन यह जरूर बताना चाहूंगा कि आखिर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के लिये 3500 करोड़ रुपये राज्य सरकार को देने थे, वह उन्होंने दिये नहीं. आखिर में अदालत ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि वह इस काम के लिये एक हजार करोड़ रूपये दे.

ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे की वजह से दिल्ली का वाहन जनित प्रदूषण सीधे तौर पर कम होने वाला था. जावड़ेकर ने पंजाब और हरियाणा को प्रदूषण के लिये दोष देने के बजाय प्रदूषण के खिलाफ पांचों प्रभावित राज्यों के संयुक्त प्रयास तेज करने की मोदी सरकार की नीति का पालन सुनिश्चित करने की अपील की.

उन्होंने कहा, ‘प्रदूषण कैसे कम हो, इसकी चिंता करने के बजाय आपस में दोषारोपण करने लगेंगे तो कच्ची चिट्ठियां बहुत मिल जायेंगी, लेकिन जनता को प्रदूषण से राहत देना हम सभी का सामूहिक दायित्व है, और इस दायित्व की पूर्ति नहीं हो पायेगी. जावड़ेकर ने इस काम में जनता, सरकारों, उद्योगों और किसानों सहित सभी पक्षकारों से सहयोग की अपील करते हुये कहा कि सामूहिक प्रयास ही कारगर साबित होंगे. शुक्रवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 468 के स्तर पर पहुंच गया. सारे स्कूल बंद करने की घोषणा कर दी गयी.

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