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कैब चालक की गाड़ी में कॉन्‍डम नहीं होने पर कट गया चालान !

Updated at : 21 Sep 2019 6:29 PM (IST)
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कैब चालक की गाड़ी में कॉन्‍डम नहीं होने पर कट गया चालान !

नयी दिल्‍ली : नये मोटर वाहन एक्‍ट लागू होने के बाद पूरे देश में इस समय चालान कटने की चर्चा हो रही है, लेकिन राजधानी दिल्‍ली में चालान कटने का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप चौके बिना नहीं रह सकते हैं. दरअसल दिल्‍ली में कैब चालक अपनी गाड़ियों में कॉन्‍डम रखकर […]

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नयी दिल्‍ली : नये मोटर वाहन एक्‍ट लागू होने के बाद पूरे देश में इस समय चालान कटने की चर्चा हो रही है, लेकिन राजधानी दिल्‍ली में चालान कटने का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप चौके बिना नहीं रह सकते हैं.

दरअसल दिल्‍ली में कैब चालक अपनी गाड़ियों में कॉन्‍डम रखकर चल रहे हैं और जब इसकी वजह सामने आयी तो वाकई में चौकाने वाली थी. कुछ कैब ड्राइवरों ने बताया कि अगर उनकी गाड़ी के प्राथमिक चिकित्सा किट में कॉन्‍डम नहीं होता है तो पुलिस उनका चालान काट दे रही है. जेएनयू से नेल्‍सन मंडेला मार्ग में पुलिवालों ने एक कैब चालक धर्मेंद्र का चालान काट दिया, वजह उसके प्राथमिक चिकित्सा किट में कॉन्‍डम नहीं था. हालांकि उन्‍होंने बताया पुलिस ने ओवरस्‍पीड का चालान काटा था.

हालांकि इस बारे में दिल्ली यातायात के विशेष पुलिस आयुक्त ताज हसन ने बताया, कंडोम के बारे में मोटर वाहन अधिनियम में कुछ भी उल्लेख नहीं है. हम ड्राइवरों को उनकी प्राथमिक चिकित्सा किट में कंडोम नहीं रखने के लिए कोई चालान जारी नहीं कर रहे हैं.धर्मेंद्र के अलावा दिल्‍ली कैब चालक रमेश, सचिन और राजेश ने भी बताया, वे अपनी गाड़ियों में कॉन्‍डम रखकर चलते हैं.

उन्‍होंने न्‍यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में बताया कि कंडोम का इस्तेमाल सुरक्षित सेक्स के लिए किया जाता है. इसके साथ ही अगर कार में प्रेशर पाइप फट जाता है, तो कंडोम कुछ समय के लिए रिसाव को रोक सकता है. यदि बारिश होती है, तो यह जूते को कवर कर सकता है. चोट लगने की स्थिति में भी यह काफी काम आता है. उन्‍होंने कहा, ट्रैफिक पुलिस को कंडोम के उपयोग की जानकारी नहीं है. जब हम उनसे पूछते हैं तो वे हंसते हैं.

इधर दिल्ली की सर्वोदय ड्राइवर असोसिएशन के अध्‍यक्ष कमलजीत गिल ने बताया, सभी सार्वजनिक वाहनों के लिए हर समय कम से कम तीन कॉन्डम लेकर चलना जरूरी है.उन्‍होंने कहा, ड्रावइरों को यह समझ नहीं है कि आखिर इनका इस्तेमाल क्या है. गिल ने कहा, इसका इस्तेमाल किसी की हड्डी में चोट आने या फिर कट लगने पर किया जा सकता है. यदि किसी व्यक्ति को ब्लीडिंग होने लगती है तो कॉन्डम के जरिए इसे रोका जा सकता है.

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