करतारपुर कॉरीडोर: फिर से अधर में लटकी वार्ता, कुछ मसलों में बनी सहमति तो कुछ पर बिगड़ी बात

Updated at : 04 Sep 2019 1:05 PM (IST)
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करतारपुर कॉरीडोर: फिर से अधर में लटकी वार्ता, कुछ मसलों में बनी सहमति तो कुछ पर बिगड़ी बात

अमृतसर: सिख श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित करतारपुर गलियारे के मसौदा समझौते को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से भारत और पाकिस्तान के बीच बुधवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई. अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर के अटारी में हो रही संयुक्त सचिव स्तर की बैठक में शामिल होने के लिए 20 सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल भारत […]

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अमृतसर: सिख श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित करतारपुर गलियारे के मसौदा समझौते को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से भारत और पाकिस्तान के बीच बुधवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई. अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर के अटारी में हो रही संयुक्त सचिव स्तर की बैठक में शामिल होने के लिए 20 सदस्यीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा था.

आज भारत-पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरीडोर पर तीसरे दौर की बैठक हुई. कुछ बिंदुओं पर असहमति के कारण समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सके. दरअसल, पाकिस्तान चाहता है कि पंजाब से करतारपुर गुरूद्वारे का दर्शन को आने वाले सिख श्रद्धालुओं को शुल्क का भुगतान करना होगा, लेकिन भारत इसके लिए सहमत नहीं है,

वहीं बैठक के दौरान भारत ने मांग रखी की करतारपुर द्वारा परिसर में भारतीय वाणिज्यदूत या फिर प्रोटोकॉल की मौजूदगी हो. लेकिन पाकिस्तान ने इस मांग के प्रति अनिच्छा जताई है. भारत ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से आग्रह किया है कि वो स्थिति पर पुनर्विचार करे.

दरबार साहिब को डेरा बाबा नानक से जोड़ेगा

प्रस्तावित गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब को गुरदासपुर जिला स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे से जोड़ेगा और भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा-मुक्त आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा. इन श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने के लिए मात्र एक परमिट लेना होगा. पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता और दक्षिण एशिया एवं सार्क के महानिदेशक और मोहम्मद फैसल ने वार्ता में हिस्सा लेने के लिए भारत आने से पहले वाघा सीमा पर पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तान तीसरे दौर की बातचीत के परिणाम को लेकर सकारात्मक है.

नवंबर में खुलेगा प्रस्तावित करतार गलियारा

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे फैसल ने कहा, ‘हम भारत के साथ आज की वार्ता में करतारपुर गलियारे के समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए आशान्वित हैं. करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है और पाकिस्तान नवम्बर तक गलियारा खोलने को प्रतिबद्ध है’. जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद भारत और पाकिस्तान के मध्य उत्पन्न तनाव की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच यह दूसरी बैठक है.

प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालू जाएंगे उस पार

इससे पहले पाकिस्तान के वाघा में जुलाई में हुई आखिरी संयुक्त सचिव स्तर की बैठक में दोनों देश इस बात पर सहमत हुए थे कि गलियारे के माध्यम से पाकिस्तान प्रतिदिन 5,000 सिख श्रद्धालुओं को देश में स्थित करतारपुर साहिब गुरूद्वारा आने की अनुमति देगा. भारत और पाकिस्तान के तकनीकी विशेषज्ञों के बीच 30 अगस्त को हुई बैठक के बाद यह बैठक हो रही है.

भारत-पाक के बीच पहला वीजा मुक्त गलियारा

यह गलियारा 1947 में भारत की आजादी के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहला वीजा मुक्त गलियारा होगा. पाकिस्तान भारतीय सीमा से गुरुद्वारा दरबार साहिब तक गलियारे का निर्माण कर रहा है जबकि डेरा बाबा नानक से सीमा तक के दूसरे हिस्से का निर्माण भारत द्वारा किया जाएगा. भारत और पाकिस्तान गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर पिछले साल 12 नवम्बर को लाहौर से करीब 125 किलोमीटर दूर नारोवाल में गलियारे के उद्घाटन के संबंध में अब भी तौर-तरीकों पर विचार कर रहे हैं.

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने किया था उद्घाटन

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने पिछले साल 26 नवंबर को डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब गलियारे (अंतरराष्ट्रीय सीमा तक) की पंजाब के गुरदासपुर जिले के मान गांव में नींव रखी थी. इसके दो दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने लाहौर से 125 किलोमीटर दूर नारोवाल में इस गलियारे की नींव रखी थी.

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