अनुच्छेद 370 हटने के बाद : पाक दे रहा गीदड़भभकी, हर कोई कर रहा युद्ध की बात

Updated at : 08 Aug 2019 7:23 AM (IST)
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अनुच्छेद 370 हटने के बाद : पाक दे रहा गीदड़भभकी, हर कोई कर रहा युद्ध की बात

बौखलाये पाक ने भारतीय उच्चायुक्त को निकाला व्यापार रोका और यूएन में जाने की भी दी धमकी नयी दिल्ली/इस्लामाबाद : जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गयी है. उसने बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को निष्कासित कर दिया और द्विपक्षीय व्यापार को […]

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बौखलाये पाक ने भारतीय उच्चायुक्त को निकाला व्यापार रोका और यूएन में जाने की भी दी धमकी
नयी दिल्ली/इस्लामाबाद : जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट बढ़ गयी है. उसने बुधवार को भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को निष्कासित कर दिया और द्विपक्षीय व्यापार को भी रोक दिया.
साथ ही उसने द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों को कमतर करते हुए इसकी समीक्षा करने का फैसला लिया है. पाक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे को ले जाने का संकल्प लिया है. पाकिस्तान ने यह कदम प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में इस्लामाबाद में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के बाद उठाया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि हमारे राजनयिक अब भारत में तैनात नहीं रहेंगे और यहां से उनके समकक्षों को वापस भेजा जायेगा. कहा कि देश 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिखायेगा और 15 अगस्त को काले दिवस के रूप में मनाया जायेगा. प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि घाटी में मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन को उजागर करने के लिए सभी राजनयिक माध्यमों को सक्रिय किया जाये.
उन्होंने सेना को लगातार सतर्कता बरतने को कहा है. वहीं, पाकिस्तान में आम जनता से लेकर राजनेता तक इस मुद्दे पर युद्ध की बात कर रहा है. पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान को कश्मीर को दूसरा फिलीस्तीन नहीं बनने देना चाहिए. युद्ध से नहीं घबराना चाहिए. पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने कहा कि हम किसी भी हद तक जा सकते हैं.
इस मुद्दे पर भारत ने मजबूत कूटनीति से पाकिस्तान को परास्त कर दिया है. इस मुद्दे पर मालदीव, अमेरिका, यूएई, इंडोनेशिया और श्रीलंका ने भारत का समर्थन किया है. मालदीव ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना भारत का आंतरिक मामला है.
घाटी में आम कश्मीरियों के साथ घूमे एनएसए डोभाल, साथ में खाया खाना
तीन दिन में इमरान ने की दो बार बैठक : प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर में मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की पिछले तीन दिनों में यह दूसरी बैठक बुलायी थी.
बैठक में विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, वित्तीय सलाहकार, कश्मीर मामलों के मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुखों, आइएसआइ प्रमुख, और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया. इससे पहले, पाक संसद ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर कश्मीर में भारत की कार्रवाई की निंदा की है.
पाक की पांच गीदड़भभकी
भारत के साथ कूटनीतिक
संबंधों को कम करना
द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को खत्म करना
द्विपक्षीय व्यवस्थाओं की समीक्षा करना
कश्मीर मामले को सुरक्षा परिषद यूएन, आइसीजे में ले जाना
14 अगस्त के दिन कश्मीरियों के साथ मजबूती के साथ खड़े रहने और 15 को काला दिवस मनाना
17 साल पहले आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त को निकाल दिया था
मई, 2002 में भारत ने नयी दिल्ली स्थित पाकिस्तान के तत्कालीन उच्चायुक्त अशरफ जहांगीर काजी को निष्कासित किया था. भारत ने यह कदम कश्मीर में एक आतंकी हमले में 35 लोगों की मौत होने के बाद उठाया था. उस वक्त जहांगीर काजी आतंकियों का समर्थन कर रहे थे.
इससे पहले, दिसंबर 2001 में संसद पर पाकिस्तानी आतंकियों के हमले के बाद भारत ने दिल्ली में पाकिस्तान के मिशन में तैनात कर्मियों में 50 फीसदी की कटौती कर दी थी और अपने उच्चायुक्त को पाकिस्तान से बुला लिया था. इससे पहले, 1965 और 1971 की जंग के वक्त भारत-पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध खत्म हो गये थे. बता दें कि पुलवामा हमले के बाद भारत और पािकस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव आ गया था.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के भारत के फैसले की तारीफ करने वाले बैनर लगे हैं. अखंड भारत को दिखाने वाले इन बैनरों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के मौजूदा राज्यों के हिस्सों को दिखाया गया है. बलूचिस्तान के बारे में चेतावनियां दी गयी हैं.
श्रीनगर में कटीली तारबंदी, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी और अजीब-सा सन्नाटा
श्रीनगर : श्रीनगर में आधिकारिक तौर पर कर्फ्यू की घोषणा नहीं है, लेकिन हालात कर्फ्यू के समान हैं. शहर में अजीब-सा सन्नाटा पसरा है. कटीले तारों से जगह-जगह बाड़बंदी है. चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस और सेना के जवान बहुत जरूरत पड़ने पर ही लोगों को निकलने दे रहे हैं. अनुच्छेद 370 को हटाने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बांटने की घोषणा के बाद यहां की जनता घरों के अंदर है. किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए अधिकारियों ने संचार के सभी साधन बंद कर दिये हैं.
कर्फ्यू जैसे इन हालात में लोग असमंजस में हैं, तो कुछ खौफजदा भी हैं. अधिकारियों ने बताया कि शहर के बाहरी इलाके नूरबाग में कुछ युवा इकट्ठा हो गये थे, जिन्हें सीआरपीएफ के जवानों ने खदेड़ दिया. जवानों से बचने के चक्कर में एक युवक झेलम नदी में कूद गया और डूब गया. क्षेत्र में प्रदर्शन हुआ,भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठिंया चलायी गयीं, जिसमें छह लोग घायल हो गये. शहर में धारा 144 लागू है.
भरोसा जगाने सड़क पर उतरे डोभाल, बोले कश्मीरियों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आतंकवाद प्रभावित दक्षिण कश्मीर का बुधवार को तूफानी दौरान किया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की. डोभाल ने कश्मीरियों को आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है. डोभाल शोपियां में बंद दुकानों के बाहर एक पगडंडी पर खाना खाते तथा स्थानीय लोगों से बात करते दिखे.
उन्होंने सुरक्षा, अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के सरकार के फैसले पर लोगों से बात की. उन्होंने लोगों से कहा कि आपके और उनके बच्चे यहीं रहेंगे. वे विश्व में अपना नाम करेंगे. यह फैसला सरकार ने कश्मीर के लोगों के हित में लिया है, उन्हें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है. सब कुछ अच्छा होगा. साथ ही डोभाल ने पुलिसकर्मियों से कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस सर्वश्रेष्ठ पुलिसबलों में से एक है. डोभाल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उनके साथ राज्य के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह भी थे.
560 राजनेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार
सुरक्षा एजेंसियों ने राजनेताओं, कार्यकर्ताओं सहित 560 लोगों को शांति के लिए खतरा होने का हवाला देते हुए गिरफ्तार किया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती सहित बड़ी संख्या में नेता हिरासत में हैं. वहीं, पीपल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन और इमरान अंसारी को गिरफ्तार किया गया है.
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