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आरबीआइ नोटों को पहचानने के लिए ला रहा है एप, अब नेत्रहीन पहचानेंगे नोट

Updated at : 15 Jul 2019 6:26 AM (IST)
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आरबीआइ नोटों को पहचानने के लिए ला रहा है एप, अब नेत्रहीन पहचानेंगे नोट

नयी दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) दृष्टिबाधित या नेत्रहीन लोगों को नोटों की पहचान करने में मदद के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन (मोबाइल ऐप) पेश करेगा. केंद्रीय बैंक ने लेन-देन में अब भी नकदी के भारी इस्तेमाल को देखते हुए यह कदम उठाया है. वर्तमान में 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 […]

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नयी दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) दृष्टिबाधित या नेत्रहीन लोगों को नोटों की पहचान करने में मदद के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन (मोबाइल ऐप) पेश करेगा.
केंद्रीय बैंक ने लेन-देन में अब भी नकदी के भारी इस्तेमाल को देखते हुए यह कदम उठाया है. वर्तमान में 10, 20, 50, 100, 200, 500 और 2,000 रुपये के बैंकनोट चलन में हैं. रिजर्व बैंक ने कहा कि नेत्रहीन लोगों के लिए नकदी आधारित लेन-देन को सफल बनाने के लिए बैंकनोट की पहचान जरूरी है.
नोट को पहचानने में नेत्रहीनों की मदद के लिए ‘इंटाग्लियो प्रिंटिंग’ आधारित पहचान चिह्न दिये गये हैं. यह चिह्न 100 रुपये और उससे ऊपर के नोट में हैं. नवबंर, 2016 में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के बाद अब चलन में नये आकार और डिजाइन के नोट मौजूद हैं.
केंद्रीय बैंक ने कहा कि रिजर्व बैंक नेत्रहीनों को अपने दैनिक कामकाज में बैंक नोट को पहचानने में आने वाली दिक्कतों को लेकर संवेदनशील है. बैंक मोबाइल ऐप विकसित करने के लिए वेंडर की तलाश कर रहा है. यह ऐप महात्मा गांधी शृंखला और महात्मा गांधी (नयी) शृंखला के नोटों की पहचान करने में सक्षम होगा. इससे नेत्रहीन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
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कितने का है नोट, बता देगा एप
इसके लिए व्यक्ति को नोट को फोन के कैमरे के सामने रखकर उसकी तस्वीर खींचनी होगी. यदि नोट की तस्वीर सही से ली गयी होगी, तो ऐप ऑडियो नोटिफिकेशन के जरिये नेत्रहीन व्यक्ति को नोट के मूल्य के बारे में बता देगा. अगर तस्वीर ठीक से नहीं ली गयी या फिर नोट को रीड करने में कोई दिक्कत हो रही है, तो ऐप फिर से कोशिश करने की सूचना देगा.
पहले भी हुई थी पहल
रिजर्व बैंक पहले भी इसी तरह के प्रस्ताव के लिए आवेदन मांगे थे. हालांकि, बाद में इसे रद्द कर दिया गया था. उस समय निविदा में कहा गया था कि हाथ से चलने वाला यह उपकरण/तंत्र नोटों के मूल्यवर्ग की पहचान करने में सक्षम होना चाहिए. जब भी बैंक नोट को इसके सामने रखा जाये, तो कुछ ही सेकेंड में जानकारी मिलनी चाहिए. यह पता चलना चाहिए कि नोट कितने का है.
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