न्यू इंडिया में अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति
Updated at : 06 Jul 2019 1:48 AM (IST)
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नयी दिल्ली : प्रचंड बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता में आयी मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को पेश किया. निर्मला सीतारमण ने बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट (बही-खाता) पेश करते हुए इतिहास को बदला, तो कुछ नया करने की कोशिश भी की. मोदी 2.0 के पहले बजट […]
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नयी दिल्ली : प्रचंड बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता में आयी मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को पेश किया. निर्मला सीतारमण ने बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट (बही-खाता) पेश करते हुए इतिहास को बदला, तो कुछ नया करने की कोशिश भी की. मोदी 2.0 के पहले बजट में महिलाओं, गांव-गरीब व किसान पर फोकस रखा गया है.
साथ ही करोड़पतियों पर थोड़ा टैक्स बढ़ा दिया है. हालांकि, मिडिल क्लास की टैक्स में छूट की आस तो पूरी नहीं हुई, लेकिन पांच लाख रुपये तक की करयोग्य आय पर कर छूट को बरकरार रखा गया है. न्यू इंडिया के सपने को साकार करने के लिए स्वरोजगार, घर, ऑनलाइन खरीदारी जैसे मुद्दों पर कई घोषणाएं की गयीं.
प्रस्तावों में निवेश को आसान बनाने और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का भी जिक्र है. सभी को बिजली, स्वच्छ ऊर्जा और मकान उपलब्ध कराने का वादा भी है. िनर्मला ने कहा कि मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में न्यू इंडिया के कार्यों की रफ्तार बढ़ायेगी.
देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री ने अपने पहले ही बजट में महिलाओं का पूरा ध्यान रखा है. अब जनधन खाताधारक महिलाओं को 5,000 रुपये ओवर ड्राॅफ्ट की सुविधाएं मिलेंगी. लोकसभा में पेश इन बजट प्रस्तावों में वित्त मंत्री ने 2022 तक के सरकार के लक्ष्य को सामने रखा है. स्वच्छ भारत हो, हर घर जल हो, हर किसी को घर हो या फिर बिजली, प्रत्येक योजना का लक्ष्य 2022 तक ही रखा गया है. सरकार का मकसद 2022 तक 1.95 करोड़ लोगों को घर देने का है.
हर बार की तरह इस बार भी सैलरी क्लास की नजर टैक्स स्लैब पर थी, लेकिन उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं. हालांकि, करोड़पतियों पर इस बार टैक्स का भार बढ़ाया गया है. जिनकी आय दो करोड़ से पांच करोड़ के बीच है, उन पर तीन फीसदी का अतिरिक्त सेस लगाया जायेगा. वहीं, पांच करोड़ से अधिक की सालाना आय वालों पर सात फीसदी का सेस लगाया गया है.
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में स्टार्टअप के लिए कई तरह के एलान किये हैं, ताकि युवाओं को बढ़ावा मिल सके. अब स्टार्ट अप करने वालों को शुरुआती तीन साल में आयकर विभाग की तरफ से कोई दबाव नहीं बनाया जायेगा. साथ ही स्टार्ट अप के शुरुआत में लगने वाले टैक्स से मुक्ति मिली है.
न्यू इंडिया के सपने को साकार करने के लिए गैस, जल, सूचना, हवाईअड्डों और राष्ट्रीय राजमार्गों जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की बात बजट में है. सस्ते मकानों के कर्ज पर अतिरिक्त डेढ़ लाख रुपये ब्याज के लिए टैक्स कटौती देने का प्रस्ताव है. टैक्स जुटाने के लिए पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले सेस में एक-एक रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गयी है. इससे सरकार को 28,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा.
इस बार सरकार का ई-व्हीकल पर जोर है. इसके लिए उनमें बड़ी छूट भी दी गयी है. नकदी रहित लेन-देन बढ़ाने के लिए 50 करोड़ रुपये सालाना कारोबार करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भीम, यूपीआइ, आधार पे, एनइएफटी, आरटीजीएस से ही भुगतान करने को कहा गया है. ऐसा लेन-देन करते हुए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा. ग्राहकों और व्यापारियों से बैंक किसी तरह का मर्चेंट डिस्काउंट रेट भी नहीं वसूलेंगे.
बजट में शिक्षा पर काफी जोर दिया गया है. उच्च शिक्षा पर नया मसौदा तैयार किया जायेगा, सरकार इसके लिए 400 करोड़ रुपये का बजट भी जारी करेगी. सीतारमण ने 27 लाख 86 हजार 349 करोड़ रुपये के कुल व्यय का बजट पेश किया है.
नकदी पर निगरानी
बैंक ग्राहक सभी बैंकों की सुविधा का लाभ लेने में सक्षम होंगे. वर्तमान में बैंक खाताधारक के खाते में कोई भी व्यक्ति रकम जमा कर सकता है. फिलहाल खाताधारक का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है. सरकार इस पर कड़ाई करेगी.
मॉडल किराया कानून
एक मॉडल किराया कानून शीघ्र ही अस्तित्व में आयेगा. इसका उद्देश्य घरों को किराये पर देने को प्रोत्साहित करके शहरी क्षेत्रों में आवासों की कमी से निबटना है. इससे बड़ा तबका प्रभावित होगा.
आदिवासी समाज
देश के आदिवासी समाज की कला, संस्कृति, खानपान, रहन-सहन को संरक्षित करने का काम किया जायेगा. इसके लिए अलग से व्यवस्था का निर्माण किया जायेगा.
हर कार्य में गांव-गरीब
कृषि व संबद्ध कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचा के विकास में काफी बड़ा निवेश करेगी व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर निजी उद्यमियों को बढ़ावा देगी. सरकार की हर योजना के केंद्र में गांव, गरीब और किसान हैं. ‘कारोबार सुगमता’ एवं ‘जीवन सुगमता’ किसानों पर भी लागू होगी.
ब्रीफकेस½ नहीं, बही-खाता लेकर संसद पहुंचीं सीतारमण
परंपरा को छोड़ते हुए देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को केंद्रीय बजट के दस्तावेज एक लाल बैग में लेकर पहुंचीं. यह परंपरागत ‘बही-खाते’ की याद दिला रहा था. इससे पहले विभिन्न सरकारों में सभी वित्त मंत्री बजट पेश करने के लिए बजट दस्तावेज ब्रीफकेस में लेकर जाते रहे हैं, जो औपनिवेशिक अतीत की याद दिलाता था. दरअसल, परंपरागत भारतीय व्यापारी अपना हिसाब-किताब बही खाते में रखते हैं.
इस बजट से गरीब को बल युवाओं का होगा बेहतर कल : प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम बजट (बही खाता)को देश को समृद्ध बनाने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि इस बजट से किसानों से लेकर युवाओं और महिलाओं तक सबको लाभ मिलेगा.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम ने भविष्य को ध्यान में रखकर विकास को गति देने वाला यह बजट बनाया. इस बजट से गरीब को बल मिलेगा, युवा को बेहतर कल मिलेगा. मिडिल क्लास की प्रगति होगी. विकास की रफ्तार को गति मिलेगी.
देश इस वक्त उम्मीद और आत्मविश्वास से भरा है. बजट की तारीफ करते हुए कहा कि यह बजट लोगों को विश्वास दे रहा है कि दिशा सही है, गति सही है और इसलिए लक्ष्य पर पहुंचना भी सही है. यह बजट 21वीं सदी के भारत के सपने को पूरा करने वाला है. इस बजट से पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को पूरा करने की दिशा इससे मिलेगी.
गरीबों के कल्याण की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि सरकार ने गरीब-किसान-दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित को सशक्त करने के लिए, सशक्त करने के लिए चौतरफा कदम उठाये. अब अगले पांच वर्षों में यही सशक्तीकरण उन्हें देश के विकास का पावरहाउस बनायेगा. पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को पूरा करने की ऊर्जा देश को इसी पावरहाउस से मिलेगी.
2020 तक झारखंड के साहेबगंज में कार्गो टर्मिनल होगा शुरू
बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर विशेष जोर दिया है. वित्त मंत्री ने सड़क, जलमार्ग और वायुमार्ग को मजबूती प्रदान करने के मोदी सरकार के लक्ष्यों का जिक्र किया.
उन्होंने कहा कि पानी के जरिये माल ढुलाई की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल्द ही झारखंड के साहेबगंज में कार्गों टर्मिनल बनकर तैयार हो जायेगा. 2020 तक यह कार्गो टर्मिनल काम करने लगेगा. वाराणसी में इसकी शुरुआत हो चुकी है. जलमार्ग से परिवहन की व्यवस्था अन्य माध्यमों की तुलना में सस्ती होती है.
लंबा बजट भाषण देनेवाले िवत्त मंत्रियों में निर्मला भी
निर्मला सीतारमण ने दो घंटे 10 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा और सबसे लंबे बजट भाषण देने वाले वित्त मंत्रियों में शामिल हो गयीं. आजादी के बाद से अब तक 88 केंद्रीय बजट पेश किये जा चुके हैं. सबसे लंबे बजट भाषणों में पूर्व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह, अरुण जेटली और जसवंत सिंह के नाम लिये जा सकते हैं.
नये भारत का बजट
बजट नया भारत, नया झारखंड बनाने में भूमिका निभायेगा. इसमें समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है. सबका साथ, सबका विकास की परिकल्पना को बजट मूर्त रूप देता है. बजट में महिला सशक्तीकरण, रोजगार, स्वरोजगार जैसी सभी बातों का प्रावधान किया गया है. 2014 के बाद से देश में करदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है. नागरिकों को टैक्स देना चाहिए. जिससे नये भारत के निर्माण में उनकी भूमिका सुनिश्चित हो.
रघुवर दास, मुख्यमंत्री
बजट जनोन्मुखी
अर्थव्यवस्था का सर्वांगीण विकास करनेवाला और जनोन्मुखी बजट हैै़ मेहनतकश लोगों, किसान के विकास में सहायक होगा़ अर्थव्यवस्था को नयी गति मिलेगी़ निवेश बढ़ेगा आने वाले समय में इस बजट से देश की सूरत बदलेगी़
अर्जुन मुंडा, केंद्रीय मंत्री
नानी की कहानी की तरह
बजट भाषण रोते बच्चों को सुलाने के लिए नानी की कहानी की तरह है़ कर्ज लेकर, संपत्ति बेचकर, घी पीयो, इस बजट का मूल अर्थ नीति है़ एक लाख करोड़ सरकारी कंपनियों को बेच कर कमाया जायेगा़ भविष्य में सरकारी कंपनियों में नौकरियों में आरक्षण भी समाप्त होगा़
हेमंत सोरेन, नेता प्रतिपक्ष
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