हेल्थ मिनिस्टर डॉ हर्षवर्धन ने कहा, डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाने के मुद्दे पर फिर से गौर करेंगे

Updated at : 17 Jun 2019 10:15 PM (IST)
विज्ञापन
हेल्थ मिनिस्टर डॉ हर्षवर्धन ने कहा, डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून बनाने के मुद्दे पर फिर से गौर करेंगे

नयी दिल्ली : अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन होने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में डॉक्टरों की सुरक्षा के संबंध में एक केंद्रीय कानून का मसौदा तैयार करने के मुद्दे पर पर सरकार ‘फिर से विचार’ करेगी. हर्षवर्धन ने […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : अस्पतालों में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन होने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में डॉक्टरों की सुरक्षा के संबंध में एक केंद्रीय कानून का मसौदा तैयार करने के मुद्दे पर पर सरकार ‘फिर से विचार’ करेगी. हर्षवर्धन ने कहा कि उन्होंने पहले ही सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के मॉडल कानून के सुझाव के साथ डॉक्टरों और मेडिकल पेशेवरों को हिंसा से बचाने के लिए विशेष कानून बनाने पर विचार करें.

इसे भी देखें : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद, 24 को होगी सुनवाई

उन्होंने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा कि हम इस समस्या पर फिर से गौर करेंगे और देखेंगे कि हम इस तरह का कोई कानून तैयार करने के बारे में केंद्रीय स्तर पर क्या कुछ कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि कानून के जानकारों ने इस मुद्दे पर पहले भी विचार किया था. उन्होंने कहा कि यह केंद्र बनाम राज्य का मुद्दा नहीं है और डॉक्टरों की सुरक्षा बहस योग्य नहीं है.

हर्षवर्धन ने कहा कि अस्पताल के परिसर में या बाहर डॉक्टरों के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए और इस संबंध में कोई मतभेद नहीं है. यह पूछे जाने पर कि क्या इस संबंध में किसी केंद्रीय कानून के मसौदा के प्रस्ताव संसद के मौजूदा सत्र में आ सकता है. इस पर हर्षवर्धन ने कहा कि यह ऐसी चीज नहीं है, जिसे रातोंरात तैयार किया जा सकता है. निश्चित रूप से इसके अध्ययन के लिए समय की आवश्यकता होगी. मुझे पुराने रिकॉर्ड हासिल करने होंगे. यह मामला 2017 में भी सामने आया था और विचार-विमर्श हुआ था.

उन्होंने कहा कि इसलिए मेरा यह कहना कि मैं कुछ दिनों के भीतर कुछ कर सकता हूं. यह एक बड़ा दावा होगा, लेकिन हमारे इरादे नेक हैं. हमारा मकसद है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola