मिथिलेश
भोपाल : शाम के सात बजे भोपाल शहर के एक पॉश इलाके रिवेरा क्लब कॉलोनी में मप्र के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह लोगों से पूछ रहे हैं- कितने लोगों के पास उज्ज्वला गैस कनेक्शन है? सब चुप. एक व्यक्ति ने खड़े होकर कहा- इसमें लाभ ही नहीं है, तो क्यूं लें? दिग्विजय सिंह हाथ में माइक लेकर कहते हैं- कांग्रेस की सरकार बनी, तो उज्ज्वला योजना बंद. डीलरों पर चल रहे केस भी वापस.
राजा साहब कहते हैं- आप लोग मुझे वोट देगे? भीड़ से आवाज आती है- हां. अपनी जेब में रखे मोबाइल की ओर इशारा करते हुए राजा साहब कहते हैं- मेरा नंबर भी सब लोग लिख लो. फोन मत करना. मैसेज भेजना. 24 से 48 घंटे के अंदर मैं जवाब दूंगा.विधानसभा चुनाव में मिली जीत से कांग्रेस उत्साहित है. शुरुआत में ऐसा लग रहा था कि दिग्विजय सिंह की लड़ाई मुश्किल नहीं होगी, पर भाजपा ने उनके मुकाबले साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उतार कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.
साध्वी मंच पर रोती हैं. अपने ऊपर हुए जेल में अत्याचार की कहानी कहती हैं. साथ में दिग्विजय सिंह पर व्यक्तिगत हमले भी करती हैं. उनकी दूसरी शादी पर भी आक्षेप करती हैं. दिग्विजय सिंह कहते हैं- मुझे कुछ नहीं कहना. साध्वी की उम्मीदवारी से कोई फर्क नहीं पड़ता. उम्मीदवार कोई भी हो. चुनौती तब थी, आज भी है.
मप्र में लोस की 29 सीटें हैं. 2014 में कांग्रेस को तीन सीटें मिली थीं. इस बार पार्टी कितनी सीटों पर जीत रही? दिग्विजय सिंह कहते हैं- पिछली बार से तीन गुना अधिक. भोपाल शहर में 12 मई को चुनाव होना है, पर यहां अभी चुनाव का माहौल नहीं बन पाया है. शहर के चौक-चौराहों पर कोई पोस्टर नहीं, नारेबाजी नहीं दिखती.
शहंशाह पार्क के सामने की सरकारी भवन की दीवार पर हाल ही में रामायण की पंक्तियां उकेरी गयी हैं. कुछ कलाकार अब भी चित्रकारी कर रहे हैं, पर राजनीतिक नारा कहीं नहीं दिख रहा. दिग्विजय सभाओं में शिवराज सिंह पर निशाना साधते हैं. इंदिरा गांधी की बात याद दिलाते हैं कि भोपाल बहुत सुंदर शहर है. इसे और भी सुंदर बनाओ.