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बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद हुए मेजर बिष्ट का पार्थिव शरीर देहरादून लाया गया

Updated at : 17 Feb 2019 7:30 PM (IST)
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बारूदी सुरंग विस्फोट में शहीद हुए मेजर बिष्ट का पार्थिव शरीर देहरादून लाया गया

देहरादून : जम्मू कश्मीर के राजौरी के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने के दौरान हुए विस्फोट में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्‍ट का पार्थिव शरीर रविवार को यहां लाया गया. मेजर बिष्ट का पार्थिव शरीर सेना के विमान में जौलीग्रांट हवाई अड्डे लाया गया जहां से उसे सैन्य अस्पताल […]

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देहरादून : जम्मू कश्मीर के राजौरी के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने के दौरान हुए विस्फोट में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्‍ट का पार्थिव शरीर रविवार को यहां लाया गया. मेजर बिष्ट का पार्थिव शरीर सेना के विमान में जौलीग्रांट हवाई अड्डे लाया गया जहां से उसे सैन्य अस्पताल देहरादून ले जाया गया. पार्थिव शरीर को सोमवार तक अस्पताल में रखा जायेगा जब अंतिम संस्कार किया जायेगा.

एक रक्षा प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि मेजर बिष्ट (31) उस बम निरोधक दस्ते का नेतृत्व कर रहे थे जिसे नौशेरा सेक्टर में बारूदी सुरंग होने का पता चलने पर दोपहर तीन बजे उसे निष्क्रिय करने की जिम्मेदारी दी गयी थी. उन्होंने बताया कि दस्ते ने एक बारूदी सुरंग को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया, लेकिन दूसरी बारूदी सुरंग निष्क्रिय करने के दौरान उपकरण सक्रिय हो गया और इसमें अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गये और शहादत प्राप्त की. बिष्ट के नेहरु काॅलोनी स्थित घर पर उनके परिवार के सदस्य इस महीने के आखिर में उनके आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. बिष्ट का विवाह सात मार्च को होनेवाला था.

यद्यपि शनिवार शाम में दुखद खबर मिलने के बाद सभी शोक में डूब गये. मित्रों और रिश्तेदारों का पूरे दिन उनके घर पर आना जारी रहा जो उनके अभिभावकों के प्रति संवेदना जताने के लिए आ रहे थे. शनिवार रात से परिवार को दिलासा देने आनेवाले प्रमुख लोगों में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट, वरिष्ठ पार्टी नेता तीरथ सिंह रावत और पार्टी विधायक विनोद चमोली एवं उमेश शर्मा काव शामिल थे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक ट्वीट में कहा, मैं देश की सेवा में मेजर बिष्ट के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करता हूं और शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. पूरा देश दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा है.

मेजर बिष्ट अलमोड़ा जिले के रानीखेत के रहनेवाले थे और उनके अभिभावक देहरादून में रहते हैं. उनके पिता एसएस बिष्ट एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी हैं और उनकी मां एक गृहणी हैं. परिवार के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि मेजर बिष्ट का विवाह सात मार्च को होनेवाला था और वह 28 फरवरी को आनेवाले थे. उत्तराखंड राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी संवेदना जतायी है.

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