नयी दिल्ली/कोलकाता : अगले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के मकसद से रणनीति बनाने के लिए सोमवार को यहां 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने अहम बैठक की. इसमें संसद में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को घेरने की रणनीति तो बनी ही, मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के उस सियासी फॉर्मूले पर भी चर्चा की गयी, जिसमें उन्होंने भाजपा के खिलाफ विपक्ष का साझा उम्मीदवार उतारने का सुझाव दिया था.
बैठक में मौजूद तृणमूल के एक नेता के मुताबिक ममता के सुझाव पर एक तरह से सहमति बन गयी है. ममता खुद बैठक में मौजूद रहीं. यही नहीं, माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने भी बैठक में शिरकत की.
गौरतलब है कि पूर्व में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने सुझाव रखा था कि भाजपा से मुकाबले के लिए विपक्ष को एकजुट होना होगा. जिस राज्य में जो पार्टी मजबूत है, उसके नेतृत्व में वहां भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ा जाये. उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में जहां कांग्रेस मजबूत है तो वहां उसके नेतृत्व में पार्टियां भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरें.
उसी तरह यूपी में सपा और बसपा मजबूत है तो दूसरी विपक्षी पार्टियों को उनका नेतृत्व स्वीकार कर लेना चाहिए. तृणमूल के एक नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि सोमवार की बैठक में विपक्षी दल इस फॉर्मूले पर सहमत दिखे. बैठक में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, शरद पवार, शरद यादव, फारुक अब्दुल्ला, अरविंद केजरवाल समेत तमाम नेता मौजूद रहे.
सीबीआइ से लेकर आरबीआइ तक संकट में : ममता
नयी दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर पद से उर्जित पटेल के इस्तीफे की पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस सरकार में सीबीआइ से लेकर आरबीआई तक सभी संस्थाएं संकट में हैं. विपक्षी दलों की बैठक से बाहर निकलीं मुख्यमंत्री ममता ने पटेल के इस्तीफे का हवाला दिया और कहा, ‘ देश में राजनीतिक आपात की स्थिति तो थी ही अब आर्थिक आपात भी उत्पन्न हो गया है.
सीबीआइ से लेकर आरबीआइ तक सभी संस्थाएं संकट में है. ऐसे हालत पहले कभी नहीं रहे. उन्होंने कहा, ‘ विपक्ष की यह बैठक कल भी जारी रखने का प्रस्ताव है जिससे हम सभी राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें हालात से अवगत करा सकें.’ गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया. हाल में केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता को लेकर उनके और सरकार के बीच तनाव पैदा हो गया था.
एक संक्षिप्त बयान में पटेल ने कहा कि उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ने का निर्णय किया है. उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण नहीं बताया है. पटेल आरबीआइ के 24वें गवर्नर थे. उन्हें सितंबर 2016 में तीन साल के लिए इस पद पर गवर्नर नियुक्त किया गया था. उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी.
