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विस चुनाव : रैलियों में कुछ भी बोल रहे राजनेता, विकास की बात कम, जाति धर्म व गोत्र पर दिया जा रहा ज्यादा जोर

Updated at : 04 Dec 2018 6:56 AM (IST)
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विस चुनाव : रैलियों में कुछ भी बोल रहे राजनेता, विकास की बात कम, जाति धर्म व गोत्र पर दिया जा रहा ज्यादा जोर

नयी दिल्ली : एमपी, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के बाद अब राजस्थान और तेलंगाना की चुनावी रैलियों में राजनेताओं के बीच जुबानी जंग और तीखी हो गयी है. भाजपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर खास तौर से व्यक्तिगत हमले भी कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के दौरान विकास के मुद्दे कम, जाति, धर्म और गोत्र […]

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नयी दिल्ली : एमपी, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के बाद अब राजस्थान और तेलंगाना की चुनावी रैलियों में राजनेताओं के बीच जुबानी जंग और तीखी हो गयी है.

भाजपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर खास तौर से व्यक्तिगत हमले भी कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के दौरान विकास के मुद्दे कम, जाति, धर्म और गोत्र के मुद्दे ज्यादा छाये हुए हैं. चुनावी सभाओं में कई नेताओं ने भाषा की मर्यादाएं खो दी, तो कई ने विवादित बयान दिये. एमपी चुनाव के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी से पूछा था कि आप जनेऊधारी हैं? आप कैसे जनेऊधारी हैं, क्या गोत्र है आपका? इस पर राहुल ने राजस्थान के अजमेर में कहा कि मैं कश्मीरी ब्राह्मण हूं और दत्तात्रेय गोत्र से आता हूं.

चुनाव प्रचार में हिंदू और हिंदुत्व को लेकर छिड़ी बहस सोमवार को उस समय चरम पर पहुंच गयी, जब खुद पीएम भी इसमें शामिल हो गये. राहुल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू व हिंदुत्व का संपूर्ण ज्ञान होने का दावा तो ऋषि-मुनि भी नहीं कर सकते, वह तो एक छोटे से ‘कामदार’ हैं. यह दावा तो ‘नामदार’ (राहुल गांधी) ही कर सकते हैं.

हिंदुत्व पर मोदी ने दिया राहुल को जवाब

राहुल बनाम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि दुनिया का सारा ज्ञान उनके ही दिमाग से आता है. हिंदुत्व का सार क्या है? गीता में लिखा है कि ज्ञान चातुर्दिक है, हर जीव के पास ज्ञान है. हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि मैं हिंदू हूं, लेकिन जो हिंदुत्व की नींव है, उसको (वे) नहीं समझते. किस प्रकार के हिंदू हैं? यही विरोधाभास है.

राहुल गाधी, कांग्रेस अध्यक्ष

ऋषि-मुनियों ने भी कभी दावा नहीं किया कि उनको हिंदू व हिंदुत्व का पूरा ज्ञान है. किसी ने नहीं किया. इस अगाध ज्ञान का भंडार मेरे पास हैं, ऐसा दावा कभी नहीं कर सकता हूं. हां, नामदार (राहुल) कर सकते हैं. कांग्रेस वाले हिंदुत्व का यह ज्ञान कहां से लाए? झूठ फैलाने में तो कांग्रेस एक यूनिवर्सिटी बन गयी है.

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

गोत्र पर चली जुबानी जंग

संबित पात्रा (भाजपा) : राहुल गांधी खुद को जनेऊधारी बताते हैं. आप कैसे जनेऊधारी हैं, क्या गोत्र है आपका?

राहुल गांधी (कांगेस) : मेरा गोत्र दत्तात्रेय है. दत्तात्रेय कौल होते हैं, जो कश्मीरी ब्राह्मण होते हैं.

शाहनवाज हुसैना (भाजपा) : मरहूम फिरोज खान साहब का पौत्र आखिर ब्राह्मण कैसे हो सकता है. आज ही उनको गोत्र कैसे याद आ गया?

मोदी की मां पर राजनीति

राज बब्बर (कांग्रेस) : यूपीए सरकार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया की कीमत गिरने पर नरेंद्र मोदी रुपया की तुलना मनमोहन सिंह की उम्र से करते थे. आज रुपया की कीमत इतनी गिर गयी है कि यह उनकी मां की उम्र की ओर बढ़ रही है.

नरेंद्र मोदी (पीएम) : जब कांग्रेस को कुछ नहीं सूझता है, तो मां को गाली देते हैं. कांग्रेस वाले ये समझते हैं कि मोदी की मां को गाली देने से उनकी जमानत बच जायेगी. जिस मां को राजनीति का ‘र’ नहीं मालूम है, उसको भी नहीं छोड़ते.

जाति : भाजपा बनाम कांग्रेस

धर्म के बारे में कोई जानता है, तो केवल पंडित जानते हैं. उमा भारती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस जाति के हैं. उमा एक लोधी हैं व वह हिंदू धर्म के बारे में बात करती हैं, मोदी जी हिंदू धर्म पर बात करते हैं. केवल ब्राह्मण हैं, जो इस बारे में बात नहीं करते.

सीपी जोशी, कांग्रेस नेता

कांग्रेस बंद कमरे के अंदर अपनी रणनीति बनाती है व वह रिकॉर्ड हो जाता है. राहुल जी अब आप रंगे हाथों पकड़े गये हैं. आपको जल्द से जल्द सीपी जोशी को कांग्रेस से हटाना चाहिए. अगर आप में हिम्मत है, तो जोशी को पार्टी से बर्खास्त कर दें.

संबित पात्रा, भाजपा प्रवक्ता

योगी की निजाम वाली टिप्पणी पर ओवैसी का पलटवार

तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनती है, तो ओवैसी को भी हैदराबाद से उसी तरह से भागना पड़ेगा जैसे निजाम भागने पर मजबूर हुए थे. साथ ही हैदराबाद शहर का नाम बदलकर भाग्यनगर कर दिया जायेगा.

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश

योगी आदित्यनाथ इतिहास में शून्य हैं. अगर आप नहीं पढ़ सकते हैं, तो पढ़े-लिखे लोगों से पूछिए. आपको मालूम होना चाहिए, निजाम ने हैदराबाद नहीं छोड़ा. जब चीन के साथ लड़ाई हुई थी, तब निजाम ने सोना दिया.

असदुद्दीन ओवैसी, एआइएमआइएम अध्यक्ष

हमें मत छेड़ो चाय वाले. ये वजीरे आजम है या क्या है? चायवाला था, अब वजीरे आजम है, अरे वजीरे आजम जैसा बन जाओ. चाय-चाय चिल्लाते हो, याद रखो इतना बोलूंगा कि कान से पीप निकलने लगेगा, खून निकलने लगेगा.

अकबरुद्दीन, ओवैसी का भाई

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