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सबरीमाला मामला : 69 लोगों को रिमांड में भेजा गया, अदालत ने पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी

Updated at : 19 Nov 2018 9:23 PM (IST)
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सबरीमाला मामला : 69 लोगों को रिमांड में भेजा गया, अदालत ने पुलिस कार्रवाई पर जताई नाराजगी

सबरीमला/नयी दिल्ली : भाजपा, युवा मोर्चा और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सबरीमाला अयप्पा मंदिर में रविवार देर रात हुई पुलिस की कार्रवाई और 69 लोगों को हिरासत में लिये जाने के खिलाफ सोमवार को केरल के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन तेज कर दिये. केरल उच्च न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए सन्निधानम में अयप्पा […]

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सबरीमला/नयी दिल्ली : भाजपा, युवा मोर्चा और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सबरीमाला अयप्पा मंदिर में रविवार देर रात हुई पुलिस की कार्रवाई और 69 लोगों को हिरासत में लिये जाने के खिलाफ सोमवार को केरल के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन तेज कर दिये.

केरल उच्च न्यायालय ने नाराजगी जताते हुए सन्निधानम में अयप्पा श्रद्धालुओं से निपटने के पुलिस के तरीके पर निराशा प्रकट की. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है जहां वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान लाखों लोग आते हैं.

पुलिस कार्रवाई पर विवाद खड़ा होने के बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे अयप्पा भक्त नहीं हैं बल्कि सन्निधानम में डेरा डाले आरएसएस के कार्यकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं के साथ है और मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने का प्रयास करने पर उसे निशाना बनाया जा रहा है.

मंदिर में विभिन्न सुविधाओं का जायजा लेने के लिए निलक्कल, पंबा और सन्निधानम की यात्रा पर आये केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथानम ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मंदिर परिसर ‘संघर्ष क्षेत्र’ में तब्दील हो गया है और श्रद्धालुओं के साथ ‘डकैतों’ की तरह बर्ताव किया जा रहा है.

मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने बुनियादी सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए उच्चतम न्यायालय से उसके 28 सितंबर के फैसले को लागू करने के लिए और वक्त मांगा है.

शीर्ष अदालत के फैसले में सभी आयु की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गयी थी. आज तीन युवतियों ने भी मंदिर में जाने की इच्छा व्यक्त की लेकिन उन्होंने ऐसा ‘अनुकूल माहौल’ में ही करने की बात कही. कन्नूर जिले की रेशमा निशांत और अनिला तथा कोल्लम की धन्या ने कहा कि वह मंदिर जाने के लिए ‘वृतम’ कर रही हैं.

शीर्ष अदालत के 28 सितंबर के फैसले के बाद से 10 से 50 साल की एक भी लड़की या महिला मंदिर में दर्शन नहीं कर पायी है. सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई समेत एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने सबरीमला जाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहीं. केरल उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी आर रामचंद्र मेनन और न्यायमूर्ति एन अनिल कुमार की खंडपीठ ने श्रद्धालुओं के खिलाफ कार्रवाई पर पुलिस से नाराजगी जताई और ऐसी घटनाएं पुन: होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी.

मंदिर परिसर से रविवार की देर रात पकड़े गये 69 लोगों को बाद में गिरफ्तार कर सोमवार शाम यहां एक अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. ‘नाम जपम’ करते हुए प्रदर्शन करने वाले पुरुषों ने जब पुलिस के बार बार कहने पर भी नादपंडाल से निकलने से मना कर दिया तो उन्हें देर रात में हिरासत में ले लिया गया.

पुलिस कार्रवाई पर विरोध जताते हुए भाजपा, उसकी युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को केरल में अपने प्रदर्शन बढ़ा दिये. इस बीच युवा मोर्चा के पांच कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे फहराये और इनमें से दो ने सोमवार सुबह मुख्यमंत्री के काफिले के सामने कूदने की कोशिश की.

कोझिकोड के जिला पुलिस प्रमुख एस कलीराज महेश कुमार ने बताया कि इनमें से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है. कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में राज्य सचिवालय तक मार्च भी निकाला. आरएसएस की निंदा करते हुए माकपा के प्रदेश सचिव कोडियरी बालकृष्णन ने आरोप लगाया कि संघ ने मंदिर पर नियंत्रण पाने के लिए सबरीमला में ‘खालिस्तान मॉडल’ का आंदोलन शुरू कर दिया है.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि सरकार अयप्पा श्रद्धालुओं को संघ परिवार का कार्यकर्ता बताने की कोशिश कर रही है. इस मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ खुले आंदोलन का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार धारा 144 वापस नहीं लेती तो यूडीएफ के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को सबरीमला में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करेगा. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पी एस श्रीधरन पिल्लै ने पुलिस कार्रवाई में न्यायिक जांच की मांग की.

‘मंडल मक्कराविल्लकू’ के तीसरे दिन मंदिर खुलने पर श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखी गयी और खासतौर से केरल के कम भक्त मंदिर आये. पुलिस सूत्रों के अनुसार 64 दिन के वार्षिक उत्सव के लिए शुक्रवार शाम को मंदिर खुलने के बाद से करीब 60 हजार लोग दर्शन कर चुके हैं.

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