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करुणानिधि : जानें क्या है मरीना बीच में खास, क्यों छाया रहा विवाद

Updated at : 08 Aug 2018 11:06 AM (IST)
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करुणानिधि : जानें क्या है मरीना बीच में खास, क्यों छाया रहा विवाद

चेन्नई/नयी दिल्ली :मद्रास हाईकोर्ट ने करुणानिधि के अंतिम संस्कार को लेकर फैसला ले लिया रहै. हाईकोर्ट ने कहा है कि मरीना बीच पर ही करुणानिधी का अंतिम संस्कार होगा. इस मामले में इतना विवाद क्यों हुआ. करुणानिधि के निधन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अंतिम संस्कार को लेकर हुई न्नई की मरीना बीच पर […]

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चेन्नई/नयी दिल्ली :मद्रास हाईकोर्ट ने करुणानिधि के अंतिम संस्कार को लेकर फैसला ले लिया रहै. हाईकोर्ट ने कहा है कि मरीना बीच पर ही करुणानिधी का अंतिम संस्कार होगा. इस मामले में इतना विवाद क्यों हुआ. करुणानिधि के निधन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके अंतिम संस्कार को लेकर हुई न्नई की मरीना बीच पर स्मारक के लिए विवाद शुरू हुआ. मरीना बीच में ही क्यों स्मारक की मांग हो रही है. मरीना बीच में ऐसा खास क्या है. आइये जानते हैं मरीना बीच में स्मारक की मांग को लेकर क्यों आवाज तेज हो रही है.

राजनीतिक समर्थन भी हासिल था
इस मांग का समर्थन कई राजनीतिक दलों ने किया है कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि द्रमुक नेता जयललिता की तरह ही मरीना बीच पर जगह पाने के हकदार हैं. एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि करुणानिधि तमिलनाडु की जनता की आवाज थे. उस आवाज को उचित स्थान मिलना ही चाहिए. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मरीना बीच पर जगह देने से इनकार को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. भाकपा नेता डी राजा ने भी इस मांग का समर्थन किया है. सुपरस्टार रजनीकांत ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि अन्ना के स्मारक के पास ही करुणानिधि को स्थान देने के लिए हर संभव प्रयास करें.
क्या था विवाद
सरकार ने एक बयान जारी कर कहा है कि वह मद्रास उच्च न्यायालय में लंबित कई मामलों और कानूनी जटिलताओं के कारण मरीना बीच पर जगह देने में असमर्थ है। इसलिए सरकार राजाजी और कामराज के स्मारकों के समीप सरदार पटेल रोड पर दो एकड़ जगह देने के लिए तैयार है.
क्या है खास मरीना बीच की
चेन्नई का मरीना बीच विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बीच है. यह सेन्ट जॉर्ज क़िले से यह बीच महाबलीपुरम तक फैला हुआ है. मरीना समुद्र तट की कुल लंबाई करीब 13 किमी है. यह भारत का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री किनारा है. जयललिता को एम.जी. रामचंद्रन की समाधि के निकट दफनाया गया था.
तमिलनाडु के प्रसिद्ध अभिनेता एम.जी. रामचंद्रन जयललिता के फिल्मी और राजनीतिक गुरू माने जाते थे. दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता का प्रस्तावित स्मारक ‘ मंडपम’ का निर्माण अन्नाद्रमुक के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री एम जी रामचंद्रन के स्मारक के पीछे किया जाएगा. आधारशिला समारोह के लिए सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया था. विवाद इसी को लेकर है कि जब कई महत्वपूर्ण लोगों का अंतिम संस्कार मरीना बीच है तो करुणानिधी को जगह क्यों नहीं. अब हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्पष्ट है कि करुणानिधि को समाधि के लिए जगह मिलेगी.
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