ePaper

लॉ कॉलेजों के लिए चल रही काउंसिलिंग में हस्तक्षेप से SC का इनकार, शिकायत करने वालों छात्रों को मिलेंगे अतिरिक्त अंक

Updated at : 13 Jun 2018 11:21 AM (IST)
विज्ञापन
लॉ कॉलेजों के लिए चल रही काउंसिलिंग में हस्तक्षेप से SC का इनकार, शिकायत करने वालों छात्रों को मिलेंगे अतिरिक्त अंक

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आज क्लैट परीक्षा के बाद देशभर में 19 लॉ कॉलेजों के लिए चल रही काउंसिलिंग के पहले चरण में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है.न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ ने कोच्चि स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (एनयूएएलएस) को निर्देश दिया […]

विज्ञापन


नयी दिल्ली :
सुप्रीम कोर्ट ने आज क्लैट परीक्षा के बाद देशभर में 19 लॉ कॉलेजों के लिए चल रही काउंसिलिंग के पहले चरण में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है.न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ ने कोच्चि स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज (एनयूएएलएस) को निर्देश दिया कि वह क्लैट परीक्षा 2018 में तकनीकी खामियों का सामना करने वाले छात्रों को अतिरिक्त अंक देने की प्रक्रिया 15 जून तक पूरी करे. पीठ ने एनयूएएलएस को निर्देश दिया कि वह दो सदस्यीय शिकायत निवारण समिति (जीआरसी) द्वारा सुझाए गए फॉर्मूले के आधार पर 16 जून तक संशोधित सूची जारी करे और योग्य छात्रों को काउंसलिंग के दूसरे दौर में शामिल करे.

शीर्ष अदालत ने 11 जून को साझा विधि प्रवेश परीक्षा ( क्लैट) 2018 में तकनीकी खामियों की शिकायतों पर पुन : परीक्षा कराने या देश के 19 प्रतिष्ठित लॉ कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था. परीक्षा 13 मई को हुई थी. अदालत ने जीआरसी को शिकायतें देखने और परीक्षा के दौरान छात्रों को हुए वक्त के नुकसान की भरपाई के लिए सामान्यीकरण फॉर्मूला लागू करने का निर्देश दिया था. समिति ने सुझाव दिया था तकनीकी खामियों की वजह से जिन छात्रों को वक्त का नुकसान हुआ है , उन्हें उसकी एवज में अतिरिक्त अंक दिए जा सकते हैं जिस पर ऑनलाइन परीक्षा के दौरान उनकी ओर से दिए गए कुल सही और गलत उत्तरों के डेटा को देखने के बाद फैसला किया जाएगा.

करीब 54,450 अभ्यार्थियों ने 258 केंद्रों पर क्लैट की परीक्षा दी थी. एनयूएएलएस ने निजी कंपनी मैसर्स सिफी टेक्नॉलोजीस लिमिटेड की मदद से क्लैट परीक्षा का आयोजन कराया था. यह परीक्षा देश के प्रतिष्ठित विधि कॉलेजों में स्नातक और परास्नातक कार्यक्रमों में दाखिले के लिए होती है. एनयूएएलएस ने शीर्ष अदालत के निर्देश के बाद , शिकायतों पर गौर करने के लिए दो सदस्य समिति गठित की थी. इससे पहले , छह जून को अदालत ने काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और कहा था कि मामले में कोई भी कदम शीर्ष अदालत के आदेश के बाद ही उठाया जा सकेगा. 13 मई को हुई परीक्षा के फौरन बाद देश के छह उच्च न्यायालयों और शीर्ष अदालत में कई याचिकाएं दायर की गई थीं और आरोप लगाया गया था कि ऑनलाइन परीक्षा के दौरान विसंगतियां और तकनीकी खामियां आईं थी और मांग की गई थी कि परीक्षा को रद्द कर दिया जाये.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola