गीता की शादी के लिए वर का चुनाव, पहले दिन चार युवकों से हुई मुलाकात

Published at :07 Jun 2018 10:02 PM (IST)
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गीता की शादी के लिए वर का चुनाव, पहले दिन चार युवकों से हुई मुलाकात

इंदौर : बहुचर्चित घटनाक्रम के दौरान पाकिस्तान से वर्ष 2015 में भारत लौटनेवाली मूक-बधिर युवती गीता अपना वर चुनने के लिए गुरुवारको यहां चार युवकों से रू-ब-रू हुई. ये वे लोग हैं जिन्होंने फेसबुक पर वैवाहिक विज्ञापन देखने के बाद इस युवती के साथ सात फेरे लेने की इच्छा जतायी है. मध्य प्रदेश सरकार के […]

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इंदौर : बहुचर्चित घटनाक्रम के दौरान पाकिस्तान से वर्ष 2015 में भारत लौटनेवाली मूक-बधिर युवती गीता अपना वर चुनने के लिए गुरुवारको यहां चार युवकों से रू-ब-रू हुई. ये वे लोग हैं जिन्होंने फेसबुक पर वैवाहिक विज्ञापन देखने के बाद इस युवती के साथ सात फेरे लेने की इच्छा जतायी है.

मध्य प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक बीसी जैन ने बताया, गीता के लिए योग्य वर खोजने का अभियान विदेश मंत्रालय के मार्गदर्शन में चल रहा है. इस सिलसिले में उससे मुलाकात के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों के छह लोगों को गुरुवारको इंदौर बुलाया गया था. इनमें से चार लोग उससे मिलने पहुंचे. उन्होंने बताया, गीता ने अपना वर चुनने का अंतिम फैसला फिलहाल नहीं किया है. वह शुक्रवार को भी आठ युवकों से मिलेगी जो उससे शादी के इच्छुक हैं. बहरहाल, गीता के होनेवाले पति को उसकी कुछ शर्तें भी पूरी करनी होंगी.

इस मूक-बधिर युवती के लिए योग्य वर खोजने के अभियान से जुड़े सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बताया, गीता ने इशारों की जुबान में कहा है कि अगर वह किसी गैर मूक-बधिर युवक को अपने पति के रूप में पसंद करती है, तो उसे सांकेतिक भाषा सीखनी होगी, ताकि वैवाहिक जीवन के दौरान उन दोनों को संवाद में कोई दिक्कत न हो. इसके साथ ही, उसके भावी पति को उसके माता-पिता की खोज में उसकी मदद करनी होगी. सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने गीता से गुरुवार को जिन चार युवकों की मुलाकात करायी, उनमें शामिल इंदौर निवासी सचिन पाल (27) ने युवती की ये शर्तें मानने से इनकार कर दिया है. पाल पेशे से मोल्डिंग मशीन ऑपरेटर हैं और आंशिक रूप से श्रवण बाधित हैं.

गीता से मिलने आये अन्य युवकों में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में आबकारी विभाग के कर्मचारी अरुण नामदेव (26) और गुजरात के अहमदाबाद में पिज्जा की दुकान में काम करनेवाले रितेश पटेल (26) शामिल हैं. दोनों युवक गीता की तरह मूक-बधिर हैं. गीता से भोपाल निवासी राजकुमार स्वर्णकार (29) की भी मुलाकात करायी गयी. स्वर्णकार एक पैर से दिव्यांग हैं. पुरोहित ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात के बाद उन्होंने गीता के लिए योग्य वर की तलाश के मकसद से फेसबुक​ पर 10 अप्रैल को वैवाहिक विज्ञापन पोस्ट किया था. इसके बाद देश भर के लगभग 50 लोगों ने गीता के साथ सात फेरे लेने की इच्छा जतायी थी. गीता की सहमति के आधार पर फिलहाल इनमें से 14 लोगों से उसकी मुलाकात करायी जानी है.

गीता, मध्य प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय और नि:शक्त कल्याण विभाग की देख-रेख में इंदौर की गैर सरकारी संस्था मूक-बधिर संगठन के गुमाश्ता नगर स्थित आवासीय परिसर में रह रही है. सरकार उसके माता-पिता की खोज में जुटी है. पिछले ढाई साल के दौरान देश के अलग-अलग इलाकों के 10 से ज्यादा परिवार गीता को अपनी लापता बेटी बता चुके हैं. लेकिन, सरकार की जांच में इनमें से किसी भी परिवार का इस मूक-बधिर युवती पर वल्दियत का दावा फिलहाल साबित नहीं हो सका है. गीता सात-आठ साल की उम्र में पाकिस्तानी रेंजर्स को समझौता एक्सप्रेस में लाहौर रेलवे स्टेशन पर मिली थी. गलती से सरहद पार पहुंचनेवाली यह मूक-बधिर लड़की भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के विशेष प्रयासों के कारण 26 अक्तूबर 2015 को स्वदेश लौटी थी.

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