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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस - वे के उद्घाटन में देरी की वजह प्रधानमंत्री नहीं : नितिन गडकरी

Updated at : 10 May 2018 5:34 PM (IST)
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ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस - वे के उद्घाटन में देरी की वजह प्रधानमंत्री नहीं : नितिन गडकरी

नयी दिल्ली : ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस – वे के उद्घाटन में देरी की वजह से कोर्ट से मिल रही फटकार के बाद सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उद्घाटन को लेकर सफाई दी है. केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा उद्घाटन में देरी के पीछे की वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यस्तता नहीं है. उन्होंने […]

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नयी दिल्ली : ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस – वे के उद्घाटन में देरी की वजह से कोर्ट से मिल रही फटकार के बाद सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उद्घाटन को लेकर सफाई दी है. केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा उद्घाटन में देरी के पीछे की वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यस्तता नहीं है. उन्होंने कहा कि रेलवे ब्रिज का कुछ काम पूरा होना बाकी है.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘दिल्ली की इस्टर्न एक्सप्रेस-वे का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा. साथ ही पीएम से इसके उद्घाटन के लिए जल्द ही समय लेकर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. आगे उन्होंने कहा, ‘एक्सप्रेस-वे के परिचालन में हो रही देरी का पीएम से कोई लेना-देना नहीं है. उद्घाटन के लिए पीएम से दो बार समय लिया जा चुका है लेकिन अभी थोड़ा काम बाकी है जैसे ही काम पूरा होगा इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए ईस्टर्न पेरफेरल एक्सप्रेस-वे को एक जून से आम लोगों के लिए खोले जाने का निर्देश जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘अगर प्रधानमंत्री के पास उद्घाटन के लिए समय नहीं है तो उनसे शुभारंभ करने का इंतजार क्यों हो रहा है? 31 मई तक उद्घाटन नहीं होता है तो जून में इसे आम लोगों के लिए खोल दें. जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें भरोसा दिलाया गया था कि अप्रैल में PM इसका शुभारंभ करेंगे, लेकिन मीडिया रिपोर्ट कहती है कि PM आज या कल में यहां उपलब्ध नहीं है.


क्या है ईस्टर्न पेरिफेरल वे एक्सप्रेस वे

भारत का पहला स्मार्ट और ग्रीन हाइवे बनकर तैयार है. 11,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 135 किलोमीटर सड़क के निर्माण से राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने में सहूलियत होगी. गाजियाबाद, फरीदाबाद, गौतम बुद्ध नगर ( ग्रेटर नोएडा ) और पलवल तक गुजरने वाली यह सड़क देश के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में शुमार था.

5 लाख टन सीमेंट और एक लाख टन स्टील से बने इस सड़क में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (HTMS) और वीडयो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (VIDS) जैसी सुविधा है. इस हाइवे के निर्माण में ग्रीनरी का खास ख्याल रखा गया है. इस प्रोजेक्ट को मात्र 500 दिन के रिकार्ड टाइम में पूरा किया गया. जबकि इसके लिए 910 दिन का लक्ष्य रखा गया था.

इस एक्सप्रेस – वे से करीब 2 लाख वाहनों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से डायवर्ट किया जा सकेगा. यह एक्सप्रेस – वे के निर्माण में एनटीपीसी प्लांट के राख का भी इस्तेमाल किया गया है. केंद्रीय पथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस सड़क की खासियत के बारे में बात करते हुए बताया कि हाइवे के किनारे पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया, होटल, रेस्टोरेंट, दुकान और रिपेयर सर्विस होंगे. हर 500 मीटर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग जोन भी होगा, जो एक्सप्रेस – वे के दोनों तरफ होगा. 135 किलोमीटर के इस सड़क पर 28 फाउंटेन है. ओवर स्पीड चेकिंग सिस्टम, पेवमेंट मैनेजमेंट सिस्टम एंड फायबर ऑप्टिक नेटवर्क भी होगा.

यह देश का पहला हाइवे होगा जहां 8 सोलर पावर प्लांट होंगे. इन सोलर पावर प्लांट से 4000 – किलोवाट बिजली का उत्पादन हो पायेगा. नितिन गडकरी ने कहा कि यह देश का पहला पुल होगा, जहां वर्टिकल गार्डेन होंगे. 135 किमी लंबे सड़क में खूबसूरत लाइटिंग सिस्टम की व्यवस्था की गयी है. एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ 2.5 साइकिल ट्रैक होंगे और 1.5 मीटर का फुटपाथ होगा.

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