दिल्ली-एनसीआर में आंधी-तूफान ने फिर दी दस्तक, यूपी-बिहार समेत देश के इन राज्यों में अगले 24 घंटे तक खतरा अभी टला नहीं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 May 2018 6:43 PM

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नयी दिल्ली : आंधी-तूफान ने सोमवार की देर रात देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के राज्यों में दस्तक दे दी है. इसके साथ ही, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश आैर बिहार समेत देश के पूर्वी आैर पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवाआें के साथ आंधी आने की […]

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नयी दिल्ली : आंधी-तूफान ने सोमवार की देर रात देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के राज्यों में दस्तक दे दी है. इसके साथ ही, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश आैर बिहार समेत देश के पूर्वी आैर पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवाआें के साथ आंधी आने की आशंका जाहिर की है. मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ का असर जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में पहुंचने के कारण सोमवार देर रात दिल्ली, एनसीआर सहित अन्य उत्तरी राज्यों में मध्यम गति के चक्रवाती तूफान की दस्तक के बाद मंगलवार की देर रात इन इलाकों में आंधी तूफान की आशंका जतायी है. इस बीच, खबर यह भी है कि केदारनाथ में हो रहे हिमपात की वजह से पैदल यात्रा कर रहे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत अन्य कांग्रेसी नेता फंस गये हैं. प्रशासन ने उन्हें मौसम साफ होने तक इंतजार करने का निर्देश दिया है.

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विभाग ने मौसम की मौजूदा परिस्थिति के मुताबिक, हरियाणा और आसपास के इलाके तथा उत्तर-दक्षिण में पंजाब से लेकर मध्य प्रदेश के निचले इलाकों के तेज चक्रवाती हवाओं के दायरे में आने की आशंका जतायी है. साथ ही, अगले 24 घंटों तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी आने की संभावना है. इसकी गति 50 से 70 किमी प्रति घंटे के बीच हो सकती है, जबकि इसी अवधि में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. इसके मद्देनजर विभाग ने स्थानीय प्रशासन को आपदा संबंधी तैयारियां मुकम्मल रखने का अलर्ट जारी किया है.

पश्चिमी विक्षोभ का बिहार-पश्चिम बंगाल समेत इन राज्यों में भी दिखेगा असर

विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ का असर पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी रहने का अनुमान व्यक्त करते हुए बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तटीय और भीतरी कर्नाटक, तमिलनाडु एवं केरल के कुछ इलाकों में आंधी तूफान की आशंका जतायी है. इसके अलावा तमिलनाडु, दक्षिणी कर्नाटक के भीतरी इलाकों और केरल के कुछ भागों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने विदर्भ के कुछ इलाकों में गर्मी का तेज असर मंगलवार को भी बने रहने की आशंका व्यक्त करते हुए उत्तर भारत के लगभग सभी इलाकों में तापमान की गिरावट के मद्देनजर गर्मी का असर कम रहने की संभावना व्यक्त की है.

राजस्थान समेत इन राज्यों में गर्मी का पारा 40 डिग्री के पार

विभाग ने मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के तमाम इलाकों में आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने के बावजूद राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, भीतरी महाराष्ट्र और तेलंगाना, रायलसीमा तथा भीतरी आेड़िशा के कुछ इलाकों में अगले 24 घंटों तक अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान व्यक्त किया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को आंधी तूफान की आशंका के साथ शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जो कि सोमवार की तुलना में चार डिग्री सेल्सियस कम है.

हिमपात आैर भूस्खलन से केदारनाथ आैर बदरीनाथ यात्रा प्रभावित

केदारनाथ में लगातार हिमपात और बदरीनाथ के रास्ते में लामबगड में बारिश से हुए भूस्खलन के बाद पहाड़ी से गिर रहे बोल्डरों (बड़े-बड़े पत्थरों) के कारण दोनों हिमालयी धामों की तीर्थयात्रा में मंगलवार को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दी गयी है.अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होते ही यात्रा फिर शुरू हो जायेगी. केदारनाथ में सोमवार की रात शुरू हुआ भारी हिमपात मंगलवार की सुबह तक जारी रहा. इस कारण प्रशासन ने श्रद्धालुओं को लिंचौली और भीमबली से आगे बढने से रोक दिया.

केदारनाथ में फंस गये पूर्व सीएम हरीश राव आैर राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा

रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि लगातार हिमपात होने से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा और स्थानीय विधायक मनोज रावत सहित आधा दर्जन से अधिक कांग्रेसी नेता भी केदारनाथ धाम में फंस गये हैं. उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को मौसम के साफ होने तक ​लिंचौली और भीमबली जैसे यात्रा पड़ावों पर प्रतीक्षा करने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में केदारनाथ धाम में बर्फ की दो—तीन इंच की परत जमी हुई है.

हरीश रावत ने रविवार को केदारनाथ की शुरू की थी पैदल यात्रा

अपने समर्थकों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने रविवार को केदारनाथ के लिए अपनी पैदल यात्रा आरंभ की थी. माना जा रहा है कि इसका मकसद भगवान शिव की पूजा अर्चना के साथ ही मंदिर के चारों तरफ बसायी जा रही नगरी केदारपुरी में चल रहे पुर्नर्निर्माण कार्यों को लेकर भाजपा के दावों की सच्चाई को परखना भी है. हालांकि, घिल्डियाल ने साफ किया है कि यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गयी है. मौसम सुधरते ही वह दोबारा शुरू हो जायेगी.

कांग्रेसी नेताआें को इंतजार करने का प्रशासनिक निर्देश

कांग्रेसी नेताओं के धाम में फंसे होने की बाबत अधिकारी ने कहा कि उन्हें इंतजार करने को कहा गया है. उन्हें हैलीकाॅप्टर से वापस आना है, जिसके लिए अभी मौसम ठीक नहीं है. रूद्रप्रयाग के अपर जिलाधिकारी ने जिले में दो श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है. उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है, ठंड से इसका कोई संबंध नहीं है. बदरीनाथ के समीप लामबगड़ में सुबह भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर टूट कर गिर रहे हैं. इस कारण एहतियातन ऋषिकेश—बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिया है. राजमार्ग बंद होने के कारण यात्रा अस्थायी रूप से रूक गयी है. चमोली पुलिस ने बताया कि बारिश और मलबा गिरना कम होते ही मार्ग को यात्रा के लिए दोबारा खोल दिया जायेगा.

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