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इराक में मारे गये लोगों के परिजन पूछ रहे मार्मिक सवाल, चार साल तक अंधेरे में क्यों रखी सरकार...?

Updated at : 20 Mar 2018 10:17 PM (IST)
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इराक में मारे गये लोगों के परिजन पूछ रहे मार्मिक सवाल, चार साल तक अंधेरे में क्यों रखी सरकार...?

चंडीगढ़ : इराक में कुछ वर्ष पहले मारे गये 39 भारतीयों के परिवार के सदस्य इस दुख भरी खबर से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका सवाल है कि आखिर केंद्र ने इन वर्षों में उन्हें अंधेरे में क्यों रखा? विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसद को सूचित किया कि आईएसआईएस […]

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चंडीगढ़ : इराक में कुछ वर्ष पहले मारे गये 39 भारतीयों के परिवार के सदस्य इस दुख भरी खबर से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका सवाल है कि आखिर केंद्र ने इन वर्षों में उन्हें अंधेरे में क्यों रखा? विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसद को सूचित किया कि आईएसआईएस द्वारा अपहृत 39 लोग मारे जा चुके हैं. इसके बाद पंजाब में पीड़ित परिवारों के घरों के सामने दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला.

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मारे गये कामगारों के कई रिश्तेदारों ने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें उनके प्रियजन के मारे जाने के बारे में आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया था. मारे गये लोगों में शामिल 31 वर्षीय निशान के भाई सरवन ने निराशा के साथ कहा अब हम क्या कहें.

अमृतसर के रहने वाले सरवन ने दावा किया कि सरकार ने इन वर्षों में हमें अंधेरे में रखा. उन्होंने बेहद उदास लहजे में कहा कि अब चार साल बाद वे इस तरह का स्तब्ध करने वाला बयान दे रहे हैं. सरवन ने कहा कि हमने केंद्रीय मंत्रीसुषमा स्वराज से 11 से 12 बार मुलाकात की और हमें बताया गया कि उनके सूत्रों के मुताबिक लापता भारतीय जीवित हैं.

वे कहते रहे हैं कि हरजीत मसीह (आईएस के चंगुल से भाग निकलने में कामयाब इकलौता भारतीय) झूठा है. अगर उनके सूत्र यह बताते रहे हैं कि वे जिंदा हैं, तो अचानक अब क्या हुआ. सरकार को झूठे बयान देने की बजाय यह कहना चाहिए था कि उनके पास लापता भारतीयों के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

गोबिंदर सिंह के परिवार को टीवी चैनलों से उनकी मौत की सूचना मिली. मृतक के छोटे भाई दविंदर सिंह ने कहा कि हमें 39 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि की खबर के संबंध में केंद्र सरकार से किसी तरह की सूचना नहीं मिली है. धरमिंदर कुमार (27) की बहन डिंपलजीत कौर ने कहा कि हमें सरकार की ओर से झूठे आश्वासन मिले. उन्होंने कहा कि हमारी सारी उम्मीदें आज खत्म हो गयीं.

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