...ताकि सिरसा जैसी स्थिति न हो उत्पन्न, हार्इकोर्ट ने दिल्ली के एक आश्रम के खिलाफ दिया जांच का आदेश

Updated at : 19 Dec 2017 9:50 PM (IST)
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...ताकि सिरसा जैसी स्थिति न हो उत्पन्न, हार्इकोर्ट ने दिल्ली के एक आश्रम के खिलाफ दिया जांच का आदेश

नयी दिल्लीः दिल्ली हार्इकोर्ट ने मंगलवार को पुलिस को उत्तरी दिल्ली के एक संस्थान का तत्काल निरीक्षण करने का निर्देश दिया, जहां लड़कियों और महिलाओं को कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है. अदालत ने वहां की स्थिति को हरियाणा के सिरसा में गुरमीत राम रहीम के आश्रम जैसा बताया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता […]

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नयी दिल्लीः दिल्ली हार्इकोर्ट ने मंगलवार को पुलिस को उत्तरी दिल्ली के एक संस्थान का तत्काल निरीक्षण करने का निर्देश दिया, जहां लड़कियों और महिलाओं को कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है. अदालत ने वहां की स्थिति को हरियाणा के सिरसा में गुरमीत राम रहीम के आश्रम जैसा बताया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि यह बहुत ही खतरनाक बात है कि ईश्वर के बारे में उपदेश देने के नाम पर लड़कियों और महिलाओं को कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है.

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राम रहीम या उसकी अगुआई वाले डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय का स्पष्ट जिक्र किये बगैर पीठ ने कहा कि सिरसा में भी ऐसी ही गतिविधियां चल रही थीं, जिसके प्रमुख को दो शिष्याओं से बलात्कार करने के जुर्म में हाल ही 20 साल की कैद की सजा सुनायी गयी. पीठ ने कहा कि यह मुद्दा सिरसा में सामने आयी स्थिति जैसा ही है, जहां लड़कियों और महिलाओं को अवैध रूप से बंधक बनाया गया था. अदालत ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त को यहां रोहिणी में आध्यात्मिक विश्व विद्यालय का निरीक्षण करने के लिए उपायुक्त स्तर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नियुक्त करने को कहा. पीठ ने कहा कि निरीक्षण की वीडियोग्राफी हो तथा पुलिस के साथ दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी हों.

हार्इकोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस के वकील राहुल मेहरा पुलिस अधिकारियों के साथ तालमेल बनाकर चलें एवं यह सुनिश्चित करें कि उन तीन लड़कियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाये, जिनके अभिभावकों ने अदालत का रुख किया. पीठ ने आध्यात्मिक विश्व विद्यालय के संस्थापक विरेंद्र दीक्षित को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया. याचिका दायर करने वाले एनजीओ फाउंडेशन फोर सोशल इंपावरमेंट ने इस आश्रम में लड़कियों एवं महिलाओं को अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने और उन्हें अपने अभिभावकों से नहीं मिलने देने का आरोप लगाया.

उसने अदालत से कहा कि एक दंपति ने पुलिस में बलात्कार की शिकायत दर्ज करायी, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई. उसने एक लड़की को अदालत में पेश कर कहा कि वह किसी तरह आश्रम से बाहर निकल गयी. आश्रम में उससे बलात्कार किया गया था.

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