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संसद सत्र नहीं बुलाने पर गुलाम नबी ने उठाये सवाल, कहा - भ्रष्टाचार, राॅफेल व जीएसटी पर देना होगा जवाब

Updated at : 21 Nov 2017 5:08 PM (IST)
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संसद सत्र नहीं बुलाने पर गुलाम नबी ने उठाये सवाल, कहा - भ्रष्टाचार, राॅफेल व जीएसटी पर देना होगा जवाब

नयी दिल्ली : मुख्य विपक्ष कांग्रेस ने आज सरकार द्वारा सत्र नहीं बुलाये जाने पर सवाल उठाया. साथ ही संसद के आगामी सत्र में विपक्ष द्वारा उठाये जाने वाले प्रमुख मुद्दों की चर्चा की. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार, जीएसटी के गलत क्रियान्वयन, रॉफेल डील जैसे मुद्दों को प्रमुखता से संसद में उठायेगी. राज्यसभा […]

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नयी दिल्ली : मुख्य विपक्ष कांग्रेस ने आज सरकार द्वारा सत्र नहीं बुलाये जाने पर सवाल उठाया. साथ ही संसद के आगामी सत्र में विपक्ष द्वारा उठाये जाने वाले प्रमुख मुद्दों की चर्चा की. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार, जीएसटी के गलत क्रियान्वयन, रॉफेल डील जैसे मुद्दों को प्रमुखता से संसद में उठायेगी. राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने आज कहा कि उन्होंने कई बार इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री से इस संबंध में सवाल पूछा, लेकिन वे इस संबंध में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे. आजाद ने कहा कि उन्होंने पिछले 20 दिनों मेें कई बार संसदीय कार्यमंत्री से पूछा लेकिन वे इस संंबंध में इसलिए कुछ नहीं बता सकें क्योंकि उन्हें इस संंबंध में ऊपर से क्लियर नहीं किया गया था. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जैसी स्थिति दूसरे केंद्रीय मंत्रियों की है वही स्थिति उनकी है.

आजाद ने कहा कि मुझे अफसोस है कि पार्लियामेंट्री अफेयर मिनिस्टर को खुद ही नहीं पता होता है, जैसे अधिकतर केंद्रीय मंत्रियों को निर्देश पीएमओ से आता है, वैसी ही उनके साथ भी है. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं उन्हें दोष नहीं दूंगा, कई बार उनसे पूछने पर भी कन्फर्म नहीं हुआ क्योंकि उन्हें ऊपर से कन्फर्म नहीं हुआ है.

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा की सरकार को लोकतंत्र पर बहुत कम विश्वास है.उन्होंने कहा कि संसदकाशीतकालीन सत्र टाले जाने पर वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जो आकड़े बताये हैं, वेगलत हैं. 2012 में गुजरात व हिमाचल के चुनाव की तारीख का एलान चुनाव आयोग ने एक साथ किया था.इसबार गुजरात की तारीखें रोकी गयींऔर उस दस-पंद्रह दिनों में केंद्र व राज्य सरकार ने सैकड़ों नयी स्कीमघोषित कीऔर उसके उदघाटन किये. यह सीधे चोरी है और सीना जोरी भी है.

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आज दो-तीन बड़े कारण हैं, जिस वजह सेवे संसद का सत्र नहीं चाहते हैं. उन्होंनेसंभावना जतायी कि अगर सत्र होगा भी तो वह हफ्ते-पांच दिन का होगा. इस सरकार ने दस करोड़ नौकरियां देने का वादा करोड़ों युवाओं से किया था, लेकिन किसी को रोजगार नहीं मिला. कांग्रेस नेता ने कहा कि संसद में यह बताया जाये कि 15 लाख का कैसे 80 करोड़ रुपये बनाया जाता है, यह फार्मूला रूलिंग पार्टी के अध्यक्ष के पास है. मेरे पढ़े-लिखे बच्चे भी बेरोजगार हैं और लोग भी बेरोजगार हैं. यह फार्मूला सबलोग उनसे पूछना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यह गुजरात मॉडल है.

उन्होंने कहा कि संसद में राॅफेल डील पर जरूर चर्चा करनी होगी. लोकसभा व राज्यसभा में इस पर जरूर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि जीएसटी पर भी चर्चा हाेगी. उसका भी हाल नोटबंदी जैसाकर दिया गया है. उन्होंने कहा कि पूरे देश को सड़कों पर खड़ा कर दिया गया. कांग्रेस ने जो जीएसटी सोचा था उसका उद्देश्यथा कि रोजगार आसान हो जाये.

गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए सरकार संसद नहीं बुला रही है. यह केंद्र सरकार चुनाव लड़ने व लड़ाने की मशीन बन गयी है.उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू से लेकर मनमोहन सिंह तक कोई भी प्रधानमंत्री पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक का कैंपन नहीं करता है.गुलामनबी आजादने कहा कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री का जहाजव हेलीकॉप्टर में जाने की अनुमतिनरसिंहराव के जमाने में दी गयी थी, ताकि पार्टी को पैसा नहीं लगे. लेकिन अभी ऐसे पीएम हैं जो हेलीकॉप्टर से उतरतेही नहीं हैं.उन्होंने कहा कि यह सरकार पर बहुत बड़ा बोझ है. इसमें बहुत खर्च होता है. उन्होंने कहा कि इसकी बात होनी चाहिए.

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