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कश्‍मीर : आतंक के 9 चेहरों को सुरक्षाबलों ने चुन-चुन कर मारा, एक है जेल में

Updated at : 16 Oct 2017 8:06 PM (IST)
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कश्‍मीर : आतंक के 9 चेहरों को सुरक्षाबलों ने चुन-चुन कर मारा, एक है जेल में

नयी दिल्‍ली : 2015 में मीडिया और सोशल मीडिया में जो एक तसवीर काफी वायरल हुई थी, वह कश्‍मीर के उन आतंकवादियों की तसवीर थी जिसे बुरहान वानी ने एक समय अपने फेसबुक वाल पर पोस्‍ट किया था. उस तसवीर में दिखने वाला कोई भी आतंकी आज जीवित नहीं है. सभी को भारतीय सेना और […]

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नयी दिल्‍ली : 2015 में मीडिया और सोशल मीडिया में जो एक तसवीर काफी वायरल हुई थी, वह कश्‍मीर के उन आतंकवादियों की तसवीर थी जिसे बुरहान वानी ने एक समय अपने फेसबुक वाल पर पोस्‍ट किया था. उस तसवीर में दिखने वाला कोई भी आतंकी आज जीवित नहीं है. सभी को भारतीय सेना और स्‍थानीय पुलिस ने मार गिराया है. ये एक ऐसी वायरल तसवीर थी जो देश दुनिया में कई पत्रिकाओं और अखबारों में भी खूब छपी. इस पूरे गैंग को आतंक का पोस्‍टर ब्‍वाय के नाम से जाना जाता था. ये कश्‍मीर घाटी के लिए आतंक का पर्याय बन गये थे.

एक बार फिर यह तसवीर वायरल हो रही है. लेकिन इस बार तसवीर को एडिट किया गया है. तसवीर में सभी आतंकवादियों के नाम लिखे गये हैं और कैप्‍शन में उनके मारे जाने की खबरे वायरल हो रही है. ऐसा बताया जा रहा है कि फोटो में दिख रहे सभी 10 आतंकी कश्मीर में मारे गये. और 11वां आतंकी तारिक पंडित आत्मसमर्पण करने के बाद जेल में सजा काट रहा है. हम आपको बताते हैं कि ये आतंकी कब और कैसे मारे गये…

बुरहान वानी : कश्‍मीर में आतंक का पर्याय और आतंक के पोस्टर बॉय के रूप में मशहूर आतंकी बुरहान वानी 8 जुलाई 2016 को अपनी प्रेमिका से मिलने आया और उसी की मुखबिरी के कारण वह सुरक्षा बलों के हाथों मारा गया. बुरहान पढ़ाई में टॉपर और एक अच्छा क्रिकेटर भी था. इसकी मौत के बाद कश्‍मीर में काफी प्रदर्शन भी हुए थे.

नसीर अहमद पंडित : कश्मीर के बड़गाम जिले में पुलिस नाके से कई सर्विस राइफलें लेकर भागने वाला पुलिस कांस्टेबल नसीर अहमद पंडित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन में शामिल हो गया था. बुरहान की तसवीर में शामिल इस आतंकी को सुरक्षा बलों ने 07 अप्रैल 2016 को एनकाउंटर किया था. कांस्टेबल पंडित 27 मार्च 2015 को पीडीपी के मंत्री अलताफ बुखारी के आवास से दो एके-47 राइफल लेकर भागा था.

इशफाक हमीद : इशफाक हमीद एक संपन्‍न परिवार से आता था. 2015 में वह बुरहान वानी के संपर्क में आया और उससे प्रेरित होकर आतंकवादी बन गया. उसने बुरहान के साथ कई आतंकी वारदातों को अंजाम दिया. 7 मई 2016 को कश्‍मीर में हुए एनकाउंटर में यह सुरक्षा बलों की गोली का शिकार हुआ.

वसीम मल्ला : शोपियां में तीन पुलिस वालों की हत्या में शामिल वसीम मल्‍ला भी सुरक्षा बलों के साथ एनकाउंटर में मारा गया. 07 अप्रैल 2016 को ही पुलिस ने नसीर अहमद पंडित के साथ वसीम को भी मार गिराया था. दोनों ही हिजबुल मुजाहिदीन के वांछित आतंकवादी थे और बुरहान की गैंग से ताल्‍लुक रखते थे.

तारिक अहमद पंडित : तारिक अहमद पंडित को भी सुरक्षा बलों ने 29 मई 2016 को चारों ओर से घेर लिया था. अपनी जान बचाने के लिए आतंकी तारिख अहमद पंडित ने कश्मीर पुलिस के आगे सरेंडर कर दिया. तारिक पंडित आत्मसमर्पण करने के बाद अभी जेल में सजा काट रहा है. 25 वर्षीय तारिक अहमद पंडित करीमाबाद का रहने वाला है.

आफाक उल्ला : 25 वर्षीय आफाक उल्‍ला भी करीमाबाद का रहने वाला था. उसने अप्रैल 2015 में आतंक का रास्ता अपनाया और अक्टूबर 2015 में मारा गया. आफाक ने एम टेक किया था और उसे ग्रुप में सबसे ज्यादा टेक्नो फ्रेंडली माना जाता था. 28 अक्टूबर, 2016 को सुरक्षा बलों ने एनकाउंटर में आफाक को मार गिराया.

सद्दाम पैडर : सद्दाम बुरहान वानी का सबसे करीबी दोस्‍त था. दोनों हर वारदात को करीब करीब साथ साथ अंजाम देते थे. 2 फरवरी, 2017 को एनकाउंटर हुआ. हालांकि मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार पैडर अभी जिंदा है और कहीं छुपा हुआ है. कई मीडिया चैनलों की मानें तो सद्दाम भी फरवरी 2017 के एनकाउंटर में मारा गया.

आदिल खांडे : शोपियां का रहने वाला आदिल खांडे 2012 में आतंकी संगठन में शामिल हुआ. आतंकी बनने से पहले यह स्‍कूल बस चलाता था. आतंकवादियों से प्रेरित होकर और पैसों की चाहत में यह आतंकवादी बना. यह सामान्‍य परिवार से आता है. 20 वर्ष की उम्र में 2015 के अंत में सुरक्षा बलों ने घेरकर इसे मार गिराया.

सब्जार अहमद भट : बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सब्‍जार भट्ट आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था. बैंक लूटना और लोगों को डराना धमकाना उसका मुख्‍य काम था. सुरक्षा बलों पर हमला कर बुरहान की मौत का बदला लेने के लिए सब्‍जार ने कई बार सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का असफल प्रयास किया. 31 मई 2017 को सुरक्षा बलों के साथ एनकाउंटर में यह मारा गया.

वसीम शाह : वसीम बुरहान वानी गैंग का आखिरी आतंकी था. बुरहान के मारे जाने के बाद वसीम को ही हिजबुल का कमान सौंपा गया था. कुछ दिनों तक हिजबुल का कमांडर रहने के बाद वसीम लश्‍कर एक तैयबा का कमांडर बन गया. आतंकी वसीम लश्कर का टॉप कमांडर था और सुरक्षाबलों को लंबे समय से इसकी तलाश थी. 14 अक्टूबर 2017 को हुए एनकाउंटर में यह आतंकी ढेर हुआ. वसीम बुरहान ब्रिगेड का आखिरी आतंकी था.

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