लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयक पेश, वोटिंग 17 अप्रैल को शाम 4 बजे होगी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Apr 2026 1:02 PM

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लोकसभा में हंगामा (Photo: PTI)

Parliament Session : सरकार ने गुरुवार (16 अप्रैल) को लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बीच महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए. इस दौरान कांग्रेस और सपा ने जमकर विरोध किया.

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Parliament Session : लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम में बदलाव और परिसीमन से जुड़े तीन अहम विधेयक पेश किए गए. कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और परिसीमन विधेयक पेश किया, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक रखा. 131वें संशोधन विधेयक को पेश करने के प्रस्ताव पर 251 वोट पक्ष में और 185 वोट विरोध में पड़े. विपक्षी दलों (कांग्रेस, सपा और द्रमुक) ने इन विधेयकों को असंवैधानिक बताते हुए समय पर सवाल उठाए.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार, महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग बनाने से जुड़े तीनों बिलों पर वोटिंग शुक्रवार (17 अप्रैल) को शाम 4 बजे होगी. इन विधेयकों पर चर्चा भी चल रही है. सरकार और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी बात रख रहे हैं और सदन में इस मुद्दे पर बहस हो रही है.

इससे पहले कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जैसे ही लोकसभा में परिसीमन बिल पेश किया, माहौल गरमा गया. जैसे ही बिल पेश हुआ, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने इसका विरोध शुरू कर दिया. इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला.

वेणुगोपाल ने कहा कि वो अर्जुन राम मेघवाल और अमित शाह द्वारा लाए गए बिल का विरोध करते हैं. उन्होंने इसे भारत के संघीय ढांचे पर सीधा हमला बताया. वेणुगोपाल ने सवाल उठाया कि आखिर इस बिल का मकसद क्या है, जबकि संसद पहले ही महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला बिल पास कर चुकी है.

विपक्ष को बिल पर बोलने के लिए पूरा समय दिया जाएगा : अमित शाह

लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि विपक्ष को बिल पर बोलने के लिए पूरा समय दिया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर सवाल का जवाब देगी और चर्चा के दौरान किसी भी मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है. वहीं, अखिलेश यादव के द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि 2027 की जनगणना की तैयारी चल रही है और सरकार ने जाति आधारित गणना कराने का फैसला लिया है.

सरकार लोगों को गुमराह कर रही है : अखिलेश यादव

लोकसभा में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है. उन्होंने कहा कि वे महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन सरकार जनगणना से बचना चाहती है, क्योंकि उसके बाद जातिगत आरक्षण की मांग उठेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों को गुमराह कर रही है.

सपा ने तीनों बिल का किया विरोध

लोकसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार के लाए तीनों बिलों का विरोध करती है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून में बदलाव और परिसीमन को जनगणना से अलग करने की कोशिश हो रही है, जो सही नहीं है. इसी वजह से वे इसका विरोध कर रहे हैं.

राज्यसभा की बैठक स्थगित

राज्यसभा की बैठक नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ लेने और दिवंगत पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई और प्रख्यात पार्श्व गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने के बाद शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि विपक्षी सदस्य राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव का विरोध स्वरूप बहिष्कार करेंगे.

बड़ा फैसला लिया जाएगा : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने के लिए तैयार है. उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार महिलाओं को मजबूत बनाने के अपने संकल्प पर तेजी से आगे बढ़ रही है और इस दिशा में बड़ा फैसला लिया जाएगा.

परिसीमन के नाम पर अफवाह न फैलाएं : किरेन रिजिजू

सत्र शुरू होने से पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि ये बिल देश के इतिहास में याद रखा जाएगा, क्योंकि इससे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा. रिजिजू ने भरोसा जताया कि सभी राजनीतिक दल इस बिल का समर्थन करेंगे ताकि सालों से लंबित महिला आरक्षण अब पास हो सके. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि परिसीमन के नाम पर अफवाहें न फैलाएं और इसका विरोध न करें. खासतौर पर दक्षिण भारत के लोगों को गुमराह न किया जाए.

स्टालिन ने विधेयक की प्रति जलाकर किया विरोध

इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि उन्होंने परिसीमन विधेयक की प्रति जलाकर इस विधेयक के प्रति कड़ा विरोध जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘परिसीमन का काला कानून’ तमिल लोगों को उनकी ही धरती पर शरणार्थी बना देगा.

यह भी पढ़ें : कैसे दिया जाए महिलाओं को आरक्षण, 16 से 18 तक संसद में चर्चा; समझिए क्यों उबल रहे दक्षिण के राज्य?

महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग किया जाना चाहिए : मनीष तिवारी

दिल्ली में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि ये असल में महिला आरक्षण बिल नहीं, बल्कि परिसीमन बिल है जिसे अलग रूप देकर पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वो महिला आरक्षण के समर्थक हैं, लेकिन इसे परिसीमन से अलग किया जाना चाहिए. सरकार मौजूदा 543 सीटों में से एक-तिहाई, यानी 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर सकती है.

16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र

मोदी सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण कानून में बदलाव पर चर्चा होगी और उसे मंजूरी दी जा सकती है. इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं. विपक्ष का कहना है कि बिना जनगणना और परिसीमन के सरकार जल्दबाजी में फैसला ले रही है. पहले प्लान था कि ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरक्षण लागू होगा.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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