HoneyPreet Under Arrest : सात राज्यों की पुलिस भी नहीं ढूंढ़ पायी, 39वें दिन किया SURRENDER

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Oct 2017 3:36 PM

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चंडीगढ़ः यौन उत्पीड़न मामले में करीब 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम की लव चार्जर हनीप्रीत ने आखिरकार 39वें दिन खुद को सरेंडर कर दिया. हालांकि, बीते 38 दिनों से देश के सात राज्यों की पुलिस को इसकी तलाश थी. उसे मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे गिरफ्तार किया गया. विडंबना यह […]

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चंडीगढ़ः यौन उत्पीड़न मामले में करीब 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम की लव चार्जर हनीप्रीत ने आखिरकार 39वें दिन खुद को सरेंडर कर दिया. हालांकि, बीते 38 दिनों से देश के सात राज्यों की पुलिस को इसकी तलाश थी. उसे मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे गिरफ्तार किया गया. विडंबना यह भी है कि इतने दिनों तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पायी. बताया जा रहा है कि पंजाब की मोहाली पुलिस ने सरेंडर से पहले ही हनीप्रीत इंसा को हिरासत में लेकर हरियाणा की पंचकूला पुलिस को सौंप दिया है. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने हनीप्रीत इंसा की अग्रिम जमानत ठुकराते हुए उसे सरेंडर करने की नसीहत दी थी. इसके बाद हनीप्रीत पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाने या सरेंडर करने की तैयारी में थी.

इसे भी पढ़ेंः …तो इसलिए हनीप्रीत को जेल में साथ रखना चाहता है राम रहीम

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, हरियाणा पुलिस को हनीप्रीत के सिलसिले में अहम जानकारियां मिली थीं. पुलिस सूत्रों का कहना है कि हनीप्रीत को लेकर जानकारी मिली थी कि वह चंडीगढ़ के आसपास है. कुछ अहम जानकारी मिलने के बाद एक स्पेशल टीम काम कर रही है. पंचकूला के चारों तरफ नाकेबंदी कर दी गयी थी. सूत्रों के अनुसार, पंचकूला की सड़कों पर हरियाणा पुलिस ने हनीप्रीत को ढूंढने के लिए नाकेबंदी शुरू कर दी थी. हर जगह बैरिकेटिंग लगाये गये थी.

हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट की आेर से हनीप्रीत को कर्इ बार आइना दिखाया जा चुका है. नसीहत के तौर पर उसे चेतावनी भी दी जा चुकी है. देशद्रोह की आरोपी हनीप्रीत ने अपने बचाव के लिए एक दांव दिल्ली में चला था. दिल्ली से कोई ताल्लुक ना होने के बावजूद 26 सितंबर को हनीप्रीत ने दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांजिट अग्रिम जमानत की अर्जी लगायी थी. हरियाणा में अपनी जान को खतरा बताते हुए वकील के जरिये ये दांव चला था, लेकिन कानून की आंखों में धूल नहीं झोंक सकी. जस्टिस संगीता ढींगड़ा ने अर्जी खारिज कर दी थी.

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