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नारायण राणे अमित शाह की मौजूदगी में कांग्रेस छोड़ भाजपा में होंगे शामिल, कोंकण में मजबूत होगी पार्टी

Updated at : 19 Aug 2017 1:12 PM (IST)
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नारायण राणे अमित शाह की मौजूदगी में कांग्रेस छोड़ भाजपा में होंगे शामिल, कोंकण में मजबूत होगी पार्टी

मुंबई : महाराष्ट्र के बड़े नेता नारायण राणे इस महीने की 27 तारीख को भाजपा में शामिल हो सकते हैं. मुंबई में 27 अगस्त को एक पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम है, जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहुंचने वाले हैं. इसी दौरान कांग्रेस के असंतुष्ट माने जाने वाले नारायण राणेभाजपा में शामिल हो सकते हैं. नारायण […]

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मुंबई : महाराष्ट्र के बड़े नेता नारायण राणे इस महीने की 27 तारीख को भाजपा में शामिल हो सकते हैं. मुंबई में 27 अगस्त को एक पुस्तक विमोचन का कार्यक्रम है, जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहुंचने वाले हैं. इसी दौरान कांग्रेस के असंतुष्ट माने जाने वाले नारायण राणेभाजपा में शामिल हो सकते हैं. नारायण राणे पिछले दिनों अहमदाबाद में अमित शाहसे मिल चुके हैं. सूत्रों के अनुसार, शाह से मिलने के लिए वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ गये थे. राणे महाराष्ट्र से ही आने वाले कद्दावर भाजपा नेता नितिन गडकरी के संपर्क में भी हैं.

कोंकण इलाके में खासा प्रभाव रखने वाले नारायण राणे को इस बात से नाराजगी है कि कांग्रेस ने उन्हें सत्ता में रहने के दौरान महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री नहीं बनाया और न ही पार्टी संगठन में उन्हें कोई अहम पद दिया गया. अपनीउपेक्षा व नाराजगीके मद्देनजरपिछले दिनों नारायण राणे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मिले थे, ताकि पार्टी में बने रहने का कोई औचित्य सामने आये और इसके लिएउनकी भूमिका तय की जाये. लेकिन, ऐसी कोई बात नहीं बन सकी और सूत्रों का कहना है कि इसके बाद ही उन्होंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला ले लिया है.

नारायणराणे के भाजपामें आने के सवाल पर राज्य सरकार के मंत्रीचंद्रकांत पाटिल ने कहा है कि अगर राणे भाजपा में जुड़ते हैं तो उनका स्वागत है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री वप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चह्वाण ने इस मुद्दे पर कहा है कि कुछ लोग बिना पॉवर के रह नहीं सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई पार्टी छोड़ना चाहता है, तो ठीक है, उनकी जगह नये नेता लेंगे.

दरअसल, अभीसेलोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी में जुटे और उसकेलिए देशव्यापी यात्रा पर निकलेअमितशाह को राणे को भाजपा में शामिल करना राजनीतिक रूप से फायदेमंद नजर आ रहा है.यहशाह के मिशन 350 प्लस का ही हिस्सा है. कोंकण क्षेत्र में पार्टी इससे मजबूत होगी. नारायण राणे मंझे नेता हैं और जबरदस्त मेहनती व खुद को लक्ष्य पाने के लिए झोंक देने वाले नेता की छवि रखते हैं.

कौन हैं नाराण राणे?

नारायण राणे महाराष्ट्र के बड़े नेता हैं.राजनीतिक दलों से इतर उनकी अपनी हैसियत व प्रभाव है. वे दबंग राजनेता की छवि भी रखते हैं, जो अपनी बात पर अड़े होने की माद्दा अपने पार्टी संगठनवनेतृत्व के पास रखता है.वे पहले शिवसेना में थे और उसमें रहते हुए 1999 में मुख्यमंत्री बने थे. 2005 में शिवसेना नेतृत्व के मतभेद के बादउन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था और बाद में वे कांग्रेस में चले गये. इसी दौरान विलास राव देशमुख सरकार में वे राजस्व मंत्री बने. उनके दो बेटे नीतीश और निलेश भीमहाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय हैं. नारायण राणे महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र से आते हैं, जहां कांग्रेस का प्रभाव नहींहुआ करता था.राणे ने वहां पार्टी को आधारएवं विस्तार दिया. बावजूद इसके पार्टी ने उन्हें संगठन या सरकार में कोई बहुत बड़ा ओहदा नहीं दिया.यह उनकी नाराजगी का हमेशासे एक कारण रहा. कोंकण महाराष्ट्र कासमुद्रतटीय इलाका है और लंबी पट्टीनुमा है.

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