बोलीं सुषमा स्वराज- इराक में भारतीयों की मौत का अब तक सबूत नहीं, मोसुल का चप्पा-चप्पा छान मार रहे हैं हम
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Jul 2017 12:47 PM
नयी दिल्ली : इराक में लापता 39 भारतीयों के मुद्दे पर आज लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ. लोकसभा में बोलते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि ये मामला बहुत गंभीर है. उन्होंने कहा कि इराक में 39 भारतीय फंसे हैं. हमारी सरकार बनने के 20 दिन बाद ये घटना हुई. मैंने दूतावास से […]
नयी दिल्ली : इराक में लापता 39 भारतीयों के मुद्दे पर आज लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ. लोकसभा में बोलते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि ये मामला बहुत गंभीर है. उन्होंने कहा कि इराक में 39 भारतीय फंसे हैं. हमारी सरकार बनने के 20 दिन बाद ये घटना हुई. मैंने दूतावास से कहा है कि मोसुल का चप्पा-चप्पा छान मारो….
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सुषमा ने कहा कि हमें न तो लाशें मिलीं हैं, न कोई सूची, न कोई वीडियो…मेरा पास उनके जिंदा होने का सबूत नहीं है हालांकि मेरे पास उनके मारे जाने का भी कोई ठोस सबूत नहीं है. कुछ नेता कह रहे हैं कि मैं लापता लोगों को मरा हुआ घोषित नहीं कर अंधेरे में रखा…मेरे सूत्र राह चलते सूत्र नहीं है. एक देश के राष्ट्रपति ने मुझे जानकारी दी थी. उन्होंने कहा कि मैं 12 बार लापता लोगों के परिजनों से मिली हूं. जब तक लापता लोगों के मरने की पुष्टि नहीं होती मैं फाइल बंद नहीं कर सकती हूं.
सदन में सुषमा ने कहा कि अगर किसी पीड़ित परिवार का भरोसा मुझ से उठ गया हो तो वे चाहें तो उन्हें मरा मान सकते हैं. 2016 के बाद से लापता लोगों से कोई संपर्क नहीं, यह जानकारी परिजनों को जस की तस दे दी गयी थी. उन्होंने कहा कि जेल ढहने का भ्रम फैलाया गया है. जेल ढही लेकिन हमें नहीं पता तब लापता भारतीय उसमें थे या नहीं…2016 के बाद से हमें उनकी कोई सूचना नहीं है.
सुषमा ने कहा कि मैंने कभी गुमराह नहीं किया, मेरी संसद में आस्था है. मैं अपना फर्ज निभा रही हूं, मेरे लिए मरा हुआ घोषित करना सबसे आसान है…लेकिन इराक के विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि अगली बार वह हमें सबूत के साथ जानकारी देंगे…यह हमारी जिम्मेदारी है कि हमें उन्हें खोजते रहें. बिना मरे किसी को मारना गुनाह है और मैं यह नहीं कर सकती हूं.
इधर, राज्यसभा में कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाषण का मुद्दा सदन में उठाया. दीनदयाल उपाध्याय की महात्मा गांधी से तुलना करने पर उन्होंने सवाल खड़े किये. गौरतलब है कि शपथ के बाद रामनाथ कोविंद ने अपने भाषण में महात्मा गांधी, दीनदयाल उपाध्याय, राजेंद्र प्रसाद, राधाकृष्णन, एपीजे कलाम और प्रणब मुखर्जी का नाम लिया था.
भाजपा सांसद अरुण जेटली ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि कोई सदस्य राष्ट्रपति के भाषण पर सवाल खड़ा कर सके. जेटली ने आनंद शर्मा के बयान को हटाने की मांग की है. राज्यसभा में इसके बाद जमकर हंगामा हुआ और कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
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