अमित शाह की चेतावनी का असर, 4 राज्यों में सक्रिय खूंखार माओवादी मधाई पात्रा ने किया सरेंडर

पुलिस कमिश्नर अजय नंद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मधाई पात्रा.
Maoist Madhai Patra Surrender: पश्चिम बंगाल, झारखंड समेत 4 राज्यों में आतंक का पर्याय रहे माओवादी मधाई पात्रा ने आत्मसमर्पण कर दिया है. गृह मंत्री अमित शाह की 31 मार्च की चेतावनी और खराब स्वास्थ्य के कारण उसने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया.
खास बातें
Maoist Madhai Patra Surrender| कोलकाता, विकास कुमार गुप्ता : पश्चिम बंगाल, बिहार समेत 4 राज्यों में सक्रिय एक माओवादी ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया. उसका नाम मधाई पात्रा है. मधाई बिहार, ओडिशा, झारखंड और बंगाल में सक्रिय था. आत्मसमर्पण करने के बाद वह ईमानदारी से चैन का जीवन बिताना चाहता है. इसी मंशा से उसने कोलकाता पुलिस के आगे अपने हथियार डाल दिये.
माओवादी ने हथियार सौंपा या नहीं, अभी स्पष्ट नहीं
पुलिस ने हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उसने कोई हथियार पुलिस को सौंपा है या नहीं. मधाई ने बताया कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है. इसलिए उसने अपनी यूनिट के प्रमुख से अनुमति लेने के बाद सरेंडर करने का फैसला लिया. मधाई ने अपने साथी लड़ाकों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की है.
- बिहार, ओडिशा, झारखंड और बंगाल में सक्रिय संगठनों से जुड़ा था बंगाल का नक्सली
- देश के गृह मंत्री अमित शाह की चेतावनी के बाद ही सरेंडर करने का बना लिया था मन
हुगली जिले का रहने वाला है मधाई
नक्सली मधाई पात्रा हुगली जिले का निवासी है. उसने मीडिया को बताया कि लंबे समय तक उसने अलग-अलग जगहों पर रहकर नक्सली संगठनों से काम करता रहा. स्वास्थ्य जवाब देने लगा, तो उसने आत्मसमर्पण करने का मन बनाया. अपनी यूनिट के इंचार्ज मिसिर बेसरा से भी इस विषय में चर्चा की.
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मिसिर बेसरा की सहमति के बाद छोड़ा हिंसा का रास्ता
संगठन और मिसिर बेसरा की सहमति मिलने के बाद उसने पुलिस प्रशासन से संपर्क किया और आत्मसमर्पण कर दिया. इधर, कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने मधाई के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने सरेंडर करने वाले इस नक्सली से कहा कि वह अपने साथियों से भी अपील करे कि वे मुख्यधारा में लौट आयें. सरकार की नीतियों का फायदा लें और सरेंडर कर दें.
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Maoist Madhai Patra Surrender: अमित शाह के सरेंडर करने की चेतावनी के बाद लिया फैसला
पात्रा ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 31 मार्च 2026 तक देश के नक्सली सरेंडर कर दें या उनका पूरी तरह से सफाया कर दिया जायेगा. इसके बाद ही उसके मन में सरेंडर करने का ख्याल आया. झारखंड के सारंडा जंगल में छिपे मिसिर बेसरा ने अपने साथियों से कह रखा है कि अगर कोई आत्मसमर्पण करना चाहता है, तो 31 मार्च के बाद अपने हथियार डाल सकता है.
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By Mithilesh Jha
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