ePaper

3 साल तक शिवसेना-NCP-कांग्रेस की अच्छी चली शादी, फिर अचानक क्या हुआ ? CJI ने शिंदे गुट से पूछा सवाल

Updated at : 15 Mar 2023 8:41 PM (IST)
विज्ञापन
3 साल तक शिवसेना-NCP-कांग्रेस की अच्छी चली शादी, फिर अचानक क्या हुआ ? CJI ने शिंदे गुट से पूछा सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि सत्तारूढ़ दल में विधायकों के बीच केवल मतभेद के आधार पर बहुमत साबित करने को कहने से एक निर्वाचित सरकार पदच्युत हो सकती है. कोर्ट ने साथ ही कहा कि राज्य का राज्यपाल अपने कार्यालय का इस्तेमाल इस नतीजे के लिए नहीं होने दे सकता.

विज्ञापन

शिवसेना में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुई बगावत पर प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने एकनाथ शिंदे गुट से सवाल पूछा. उन्होंने कहा, 3 साल तक शिवसेना-NCP-कांग्रेस की शादी अच्छी चली, लेकिन अचानक ऐसा क्या हो गया. दरअसल जून 2022 में महाराष्ट्र में पैदा हुए राजनीतिक संकट लेकर प्रधान न्यायाधीश बोल रहे थे.

यह लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक तमाशा : चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि सत्तारूढ़ दल में विधायकों के बीच केवल मतभेद के आधार पर बहुमत साबित करने को कहने से एक निर्वाचित सरकार पदच्युत हो सकती है. कोर्ट ने साथ ही कहा कि राज्य का राज्यपाल अपने कार्यालय का इस्तेमाल इस नतीजे के लिए नहीं होने दे सकता. प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा, यह लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक तमाशा होगा.

तीन साल सरकार के साथ रहते हैं और अचानक एक ही दिन में ऐसा क्या हो जाता है

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने महाराष्ट्र मामले में शख्त टिप्पणी करते हुए कहा, अगर चुनाच होने तक चीजें हों तो बात बनती है, लेकिन तीन साल सरकार के साथ रहते हैं और अचानक एक ही दिन में ऐसा क्या हो जाता है कि 34 लोगों का गुट यह कहने लगता है कि सरकार में असंतोष है.

Also Read: शिवसेना चुनाव चिह्न मुद्दे पर चुनाव आयोग ने SC में दिया जवाब, उद्धव गुट ने फैसले को दी थी चुनौती

राज्यपाल की भूमिका पर भी सीजेआई ने उठाया सवाल

सीजेआई ने राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाया और कहा, पार्टी के विधायकों के बीच मत का आधार कुछ भी हो सकता है जैसे विकास कोष का भुगतान, पार्टी का आदर्शों से हटना लेकिन क्या यह आधार राज्यपाल द्वारा सदन में बहुमत साबित करने को कहने के लिए पर्याप्त हो सकता है? राज्यपाल को अपने कार्यालय का इस्तेमाल खास नतीजे के लिए नहीं करने देना चाहिए. बहुमत साबित करने को कहने से निर्वाचित सरकार पदच्युत हो सकती है.

शादीशुदा रिश्ते से सीजेआई ने की तुलना

उद्धव ठाकरे सरकार गिराने की बात पर सीजेआई ने शायराना अंदाज में टिप्पणी की. उन्होंने शिंदे गुट से पूछा, आप सभी एक खुशहाल शादीशुदा रिश्ते में थे, फिर अचानक क्या हुआ. तीन साल साथ रहे, फिर राजनीति का मजा लेने के लिए कहते हैं, हमारा काम हो गया. गौरतलब है कि एकनाथ शिंदे और कुछ विधायकों ने उद्धव ठाकरे से बगावत कर महाविकास अघाड़ी सरकार को गिरा दिया और बीजेपी की मदद से सरकार बनाया. चुनाव आयोग ने भी शिंदे गुट हो ही असली शिवसेना बताया. जिसे ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola