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आजम खां और अब्दुल्ला को रामपुर कोर्ट से नहीं मिली राहत, जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई मशीन मामले में याचिका खारिज

Updated at : 12 Dec 2023 9:38 PM (IST)
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आजम खां और अब्दुल्ला को रामपुर कोर्ट से नहीं मिली राहत, जौहर यूनिवर्सिटी में सफाई मशीन मामले में याचिका खारिज

शासकीय अधिवक्ता और एडीजीसी ने कोर्ट में कहा कि ऐसे में जमानत निरस्त की जाए. दूसरी ओर आजम खां के अधिवक्ता ने दलील दी कि रामपुर पुलिस ने सियासी दबाव में झूठी एफआईआर दर्ज की है. नगर पालिका की मशीन उनके कब्जे से बरामद नहीं हुई है.

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Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उन्हें और बेटे अब्दुल्ला आजम को एक बार फिर कोर्ट से झटका लगा है. जौहर यूनिवर्सिटी में नगर पालिका सफाई की मशीन बरामद होने के मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इसके पीछे जमानत का पर्याप्त आधार नहीं होना वजह बताया गया है. इस प्रकरण के मुताबिक समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के करीबी सालिम और अनवार की निशानदेही पर रामपुर पुलिस ने 19 सितंबर 2022 में जौहर यूनिवर्सिटी से नगर पालिका की रोड क्लीनर मशीन बरामद की थी. यह मशीन यूनिवर्सिटी कैंपस में दबाई गई थी. ये मामला काफी सुर्खियों में रहा था.इसमें भाजपा नेता बाकर अली खां की तहरीर पर आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और अनवार तथा सालिम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. इस प्रकरण में पुलिस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

दो लोगों को मिल चुकी है जमानत

रामपुर नगर पालिका के इस प्रकरण में नामजद आरोपी अनवार और सालिम को जमानत मिल चुकी है. हालांकि आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम अभी भी इसका इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने जमानत के लिए एमपी-एमए़लए सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिस पर तारीख मिलने के बाद मंगलवार को सुनवाई हुई. इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना और एडीजीसी सीमा राणा ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि जौहर यूनिवर्सिटी से स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में मशीन बरामद हुई है और आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकाॅर्ड है.

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आजम के वकील ने झूठी एफआईआर का लगाया आरोप

जिला शासकीय अधिवक्ता और एडीजीसी ने कोर्ट में कहा कि ऐसे में जमानत निरस्त की जाए. दूसरी ओर आजम खां के अधिवक्ता ने दलील दी कि रामपुर पुलिस ने सियासी दबाव में झूठी एफआईआर दर्ज की है. नगर पालिका की मशीन उनके कब्जे से बरामद नहीं हुई है. साथ ही पत्रावली पर इसके सुबूत भी मौजूद नहीं हैं. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एमपी-एमएलए सेशन ट्रायल डाॅ. विजय कुमार ने आजम खां और अब्दुल्ला की जमानत याचिका खारिज कर दी.

इन मामलों में आजम परिवार ने तुड़वाई जमानत

इस बीच दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सात साल की सजा काट रहे सपा नेता आजम खां, उनकी पत्नी डाॅ. तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम ने तीन और मामलों में अपनी जमानत तुड़वा ली है. तीन दिन में नौ मामलों में जमानत तुड़वाई जा चुकी है. आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में दोषी करार दिए गए थे. कोर्ट उनको व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और उनकी पत्नी डाॅ. तजीन फातिमा को सात-सात साल की कैद व पचास हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुना चुकी है. यह सभी लोग अलग-अलग जेल में सजा काट रहे हैं.

सजा के बाद सपा नेता आजम खां सीतापुर, अब्दुल्ला हरदोई और तजीन फातिमा रामपुर जेल में हैं. 18 अक्तूबर से जेल में बंद सपा नेता आजम खां, तजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम ने 25 और मामलों में अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत को तुड़वाने का प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें से अब तक नौ मामलों में जमानत टूट चुकी हैं. मंगलवार को तीन और मामलों में जमानत तुड़वाने को कोर्ट ने मंजूरी दे दी. कोर्ट ने उनके जमानतियों को जमानत के दायित्व से मुक्त कर दिया. वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि आजम खां के अधिवक्ता ने 25 मुकदमों में जमानत तुड़वाने को प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें से मंगलवार को तीन मामलों में जमानत तुड़वाई गई. जिन मामलों में जमानत तुड़वाई गई, उनमें किसानों की जमीन कब्जाने के तीन मामले शामिल हैं.

इन मामलों में सुनवाई के लिए मिली तारीख

इसके साथ ही पड़ोसी पर जानलेवा हमले के मामले में आजम के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई टल गई. इस मामले की सुनवाई 13 दिसंबर को होगी. वहीं अब्दुल्ला आजम के दो पासपोर्ट मामले में गवाह तो कोर्ट पहुंचे. लेकिन, उनकी गवाही नहीं हो सकी. अब इस मामले की सुनवाई 14 दिसंबर को होगी. इसके अलावा आजम खां, उनकी पत्नी डाॅ. तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सात साल की सजा सुनाए जाने के मामले में दायर अपील पर मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई. एडीजीसी सीमा सिंह राणा ने बताया कि इस मामले में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी.

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Sanjay Singh

लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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