Vande Bharat Express को NER के इन रूटों पर दौड़ाने की तैयारी, पथराव में अब तक इतने लोग गिरफ्तार, जानें डिटेल

वंदे भारत एक्सप्रेस आने वाले दिनों में देश के कई प्रमुख रेलमार्गों पर दौड़ती नजर आएगी. रेलवे बोर्ड ने इसकी तैयारी के मद्देनजर नए कोच तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इस बीच गोरखपुर से लखनऊ के बीच चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रयागराज तक चलाने की तैयारी भी शुरू हो गई है.
Vande Bharat Express Train New Route: देश की चर्चित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को कई अन्य रूट पर चलाने की तैयारी है. इसके लिए भारतीय रेलवे के अफसरों ने गोरखपुर-प्रयागराज, लखनऊ-गोरखपुर-पाटलिपुत्र, लखनऊ-दिल्ली, टनकपुर-देहरादून, काठगोदाम-आनंद विहार और गोरखपुर-कानपुर रूट का प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है. इन पर जल्द ही निर्णय होने की उम्मीद है.
जानकारी के मुताबिक गोरखपुर से लखनऊ के बीच चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रयागराज तक चलाने की तैयारी भी शुरू हो गई है. गोरखपुर से दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर पहले ही प्रस्ताव तैयार हो चुका है. हालांकि, परिचालन की दिक्कतों की वजह से प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिल पा रही है. बताया जा रहा है कि यात्रियों की मांग और भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर गोरखपुर से दिल्ली के बीच भी वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू हो सकता है.
इस तरह आने वाले दिनों में देश के कई प्रमुख रेलमार्गों पर वंदे भारत एक्सप्रेस दौड़ती नजर आएगी. रेलवे बोर्ड ने तैयारी के अंतर्गत दो वित्तीय वर्ष में वंदे भारत के 3200 नए कोच तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इन कोच से वर्ष 2027 तक कम से कम आठ कोच वाली 400 वंदे भारत एक्सप्रेस तैयार हो जाएंगी. यह सभी कोच इंटीग्रल कोच फैक्टरी चेन्नई, रेल कोच फैक्टरी कपूरथला और माडर्न कोच फैक्टरी राय बरेली में बनाए जाएंगे.
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रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (मैकेनिकल इंजीनियर) कुमार संभव ने 28 जुलाई 2023 को लिखे गए पत्र के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में चेन्नई को 1600, कपूरथला को 800 और राय बरेली कोच फैक्टरी को फैक्टरी का 800 कोच बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया है. साथ ही कहा है कि कोच तैयार करने को लेकर सभी तैयारियां पहले ही सुनिश्चित कर लें.
वर्तमान में भारतीय रेलवे स्तर पर वंदे भारत एक्सप्रेस की 50 सेवाएं संचालित हैं. पूरी तरह अपने देश में निर्मित वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है, जो त्वरित गति एवं आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित है. 15 फरवरी, 2019 को वाराणसी से नई दिल्ली के बीच देश की पहली वंदे भारत चली थी.
इसके बाद विगत सात जुलाई को गोरखपुर जंक्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर रेलवे की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी. इसके बाद नौ जुलाई से गोरखपुर से लखनऊ के बीच यह ट्रेन शनिवार को छोड़कर प्रतिदिन चल रही है. इसमें यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है. इसकी वजह से लोगों के समय की भी बचत हुई है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों शिलान्यास किए जाने वाले पूर्वोत्तर रेलवे के 12 अमृत भारत स्टेशनों पर मुहर लग गई है. इनमें देवरिया, बस्ती, ऐशबाग, बादशाहनगर, सीतापुर, आजमगढ़, बलिया, वाराणसी सिटी, बनारस, लालकुआं, कासगंज और फर्रुखाबाद शामिल हैं. प्रधानमंत्री छह अगस्त को पूर्वोत्तर रेलवे के चयनित अमृत भारत सहित देशभर के करीब 500 स्टेशनों का वीडियो कांफ्रेंसिंग (वर्चुअल) के माध्यम से शिलान्यास कर सकते हैं.
पूर्वोत्तर रेलवे ने शिलान्यास समारोह को लेकर तैयारी तेज कर दी है. शिलान्यास वाले चिह्नित सभी स्टेशनों पर विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे. सभी स्टेशनों पर बड़ी-बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी. कार्यक्रम में स्थानीय सांसद के अलावा जनप्रतिनिधि, रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी तथा आमजन की सहभागिता रहेगी. पूर्वोत्तर रेलवे में कुल 55 सहित देश में 1275 स्टेशन अमृत भारत के लिए चिह्नित हैं. लेकिन, शिलान्यास चयनित स्टेशनों का ही होगा.
रेलवे अपनी अधिकृत वेबसाइट https://indianrailways.gov.in/ के माध्यम से आमजन और यात्रियों से पूछ रहा है कि आपके पास वाला चिह्नित अमृत भारत स्टेशन कैसा होना चाहिए. कोई भी व्यक्ति रेलवे की वेबसाइट पर इस लिंक पर https://indianrailways.gov.in/railwayboard/FeedBackForm/index.jsp निर्धारित प्रोफार्मा पर स्टेशन के बारे में सुझाव दे सकता है.
एक तरफ वंदे भारत एक्सप्रेस को जहां कई नए रूट पर चलाने की तैयारी की जा रही है. वहीं इस ट्रेन में पथराव के कारण काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है. वंदे भारत एक्सप्रेस में अब तक विभिन्न कारणों से पथराव के कई मामले सामने आ चुके हैं. इससे रेलवे को लाखों की चपत लगी है.
भारतीय रेलवे के मुताबिक ताजा आंकड़ों के मुताबिक वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके जाने की घटनाओं से रेलवे को 2019 से अब 55 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है. पथराव की घटनाओं में शामिल रहने के मामले में 151 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
भारतीय रेलवे के मुताबिक वर्ष 2019, 2020, 2021, 2022 और जून 2023 के दौरान पथराव की घटनाओं में वंदे भारत ट्रेनों को हुई क्षति के कारण भारतीय रेलवे को 55.60 लाख रुपए का नुकसान हुआ. इस तरह की घटनाओं को रोकने यात्रियों और रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल जिला पुलिस और प्रशासन के साथ ‘ऑपरेशन साथी’ चला रहा है. ट्रेन पर पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए एक डिटेल गाइडलाइन भी जारी की गई है.
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14 जुलाई 2023: तिल्दा स्टेशन के पास वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव किया गया था. इस घटना में कोच नंबर C-3 की खिड़की का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था.
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11 जुलाई 2023: गोरखपुर से लखनऊ आ रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया था. इस हादसे में ट्रेन की 4 बोगियों के कई शीशे टूट गए थे.
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1 जुलाई 2023: कर्नाटक में उपद्रवियों ने धारवाड़-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाया था. इसमें ट्रेन का सी-4 डिब्बा क्षतिग्रस्त हो गया था.
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12 मार्च 2023: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में पथराव हुआ था, जिससे वंदे भारत एक्सप्रेस के एक कोच की खिड़की के शीशे टूट गए थे.
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26 फरवरी 2023: मैसूर-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी हुई थी। कृष्णराजपुरम-बेंगलुरु छावनी रेलवे स्टेशनों के बीच हुई घटना में एक कोच की खिड़की के शीशे टूटे थे.
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9 जून 2023: आंध्र प्रदेश के तिरुपति में गुदुर के पास वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव हुआ था. रेलवे पुलिस ने घटना को लेकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था.
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3 जनवरी 2023: हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर किशनगंज में पत्थरबाजी हुई थी. इसमें ट्रेन के एक कोच की खिड़की के शीशे टूट गए थे.
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2 जनवरी 2023: बंगाल के मालदा में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव हुआ था. पत्थरबाजी कुमारगंज रेलवे स्टेशन के पास हुई. इसमें सी-13 का गेट और विंडो क्षतिग्रस्त हो गयी थी.
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14 दिसंबर 2022:छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की गई थी. इससे एक कोच की खिड़की का शीशा टूट गया था.
रेलवे के अफसरों के मुताबिक पत्थरबाजी के खतरे और इसके परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए रेल ट्रैक से सटे व बसे हुए क्षेत्रों में नियमित रूप से ऑपरेशन सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
चलती ट्रेनों पर पथराव की घटनाओं को नियंत्रित करने के संबंध में की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों, ब्लैक स्पॉट पर शराबी, शरारती तत्वों आदि जैसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाए जाते हैं और पकड़े गए व्यक्तियों पर कानून के सांविधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है.
इसके साथ ही जनता के आंदोलनों के दौरान रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और क्षति से उत्पन्न होने वाले परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है. जिन रूटों पर ट्रेनों में तोड़फोड़ की घटनाएं पाई जाती हैं, वहां पर नियमित रूप में गश्त की जा रही है.
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास करने की बात कही जा रही है. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चिह्नित उत्तर मध्य रेलवे के स्टेशनों का भी शिलान्यास भी उन्हीं से कराने की योजना है. यह सभी कार्य 15 अगस्त से पहले कराए जाने की तैयारी रेल महकमे में चल रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस माह सात जुलाई को गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुर्ननिर्माण की आधारशिला रखी. उस मौके पर उन्होंने गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी भी दिखाई थी. अब उनके द्वारा प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास किया जाना है. एनसीआर जोन में इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है.
दरअसल बीते दिनों सदस्य रेलवे बोर्ड इंफ्रा मुकुल सरन माथुर एवं सदस्य परिचालन और व्यवसाय विकास जया वर्मा सिन्हा ने प्रयागराज का दौरा किया था. इस दौरान दोनों वरिष्ठ अफसरों ने तैयारियों का जायजा भी लिया. कहा जा रहा है कि पुनर्विकास का शिलान्यास 15 अगस्त के पहले हो जाएगा. हालांकि शिलान्यास कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां आएंगे या वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए वह जुड़ेंगे यह अभी तय नहीं है. पीएमओ की ओर से अभी तक कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है.
बताया जा रहा है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईस्टर्न डेडीक्रेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) के तहत न्यू भाऊपुर से न्यू पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलमार्ग भी राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं. अभी हाल ही में इस रूट पर मालगाड़ियों की आवाजाही शुरू हुई है. वर्तमान समय इस रूट पर तकरीबन 150 मालगाड़ियों की आवाजाही हो रही है.
इसके अलावा अमृत विकास योजना के तहत उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के जिन स्टेशनों का शिलान्यास होना है, उसमें विंध्याचल, फतेहपुर, पनकीधाम, इटावा एवं टूंडला के नाम शामिल है. इन सभी स्टेशनों की सूची भी रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है.
प्रधानमंत्री मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल के तीन एवं आगरा मंडल के चार स्टेशनों का शिलान्यास करेंगे. झांसी मंडल में डबरा, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी एवं खजुराहो एवं आगरा मंडल के गोवर्धन, कोसीकला, अछनेरा आदि स्टेशन शामिल हैं.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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