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जहां चाह वहीं राह आसान नहीं होती, किस्मत बिकती हो ऐसी दुकान नहीं होती...

Updated at : 01 Sep 2025 8:57 PM (IST)
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जहां चाह वहीं राह आसान नहीं होती, किस्मत बिकती हो ऐसी दुकान नहीं होती...

जहां चाह वहीं राह आसान नहीं होती, किस्मत बिकती हो ऐसी दुकान नहीं होती...

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बेतिया. ब ये पंक्तियां मुख्य अतिथि मुजफ्फरपुर विवि के प्राध्यापक प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार राय ने कवि सम्मेलन के सत्र में कही. अवसर था साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था अनुराग की ओर से विद्या मंदिर के सभागार में आयोजित कवि गोष्ठी का. इसकी अध्यक्षता केसीटीसी कॉलेज रक्सौल के पूर्व प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संत साह ने की. डॉ साह ने कहा कि- जहां चाह वहीं राह आसान नहीं होती, किस्मत बिकती हो ऐसी दुकान नहीं होती. क्रेक बेतियावी ने कहा कि रौशन कारोबार हुआ है रातों रात, मुफ़लिस था ज़रदार हुआ है रातों रात. प्रो. (डॉ) सुरेन्द्र प्रसाद ””””केसरी”””” ने कहा कि मानसरोवर मन है मेरा हंसा बनकर आ जाना, तरस रहे दोउ नमन हमारे दर्शन दे जाना. डॉ पूर्णिमा बाला श्रीवास्तव ने कहा कि कांटों में उलझा ऑंचल कान्हा आऊॅं कैसे, मेरे पांव हो गये घायल कान्हा आऊॅं कैसे. अरुण गोपाल ने कहा कि कहीं मिटने में कितने युग न जाने बीत जायेंगे, कहीं तहज़ीब आने में जमाने बीत जायेंगे. डॉ. नसीम अहमद नसीम ने पढ़ा कि हर घड़ी एक ही जैसा कभी सोचा ना करो, वक़्त हरजाई है तुम इस पे भरोसा ना करो. प्रो. कमरुज्जमां कमर ने कहा कि – मेरे अशआर जब एहसास पे छाने लग जाएं, मेरी ग़ज़ले वो ज़माने को सुनाने लग जाएं. डॉ. दिवाकर राय ने कहा कि राज रहे बेतिया के अइसन, जेकर कवनो तुलना नाय, लमहर-लमहर हाथी-घोड़ा, हीरा-मोती बिखरल जाय. शालिनी रंजन ने पढ़ा कि पुरुष तो बहुत बड़े होते हैं, होते हैं न? संचालन करते हुए अनुराग के प्रवक्ता डॉ.जगमोहन कुमार ने कहा कि नारी का व्यक्तित्व निराला, त्याग तपस्या स्नेह की माला, और यही मौका पड़ने पर माला से बन जाए मलाला.धन्यवाद ज्ञापन जय किशोर जय ने किया. डॉ. संदीप कुमार सिंह, ललन पाण्डेय लहरी, आभास झा युवा, चंदन झा, डॉ. ज्ञानेश्वर कुमार गुंजन, डॉ. पवन कुमार, चन्द्रिका राम, राम प्रसाद राही, अवधेश कुमार दूबे, राजीव श्रीवास्तव, अंशुमन कुमार, लाल बाबू प्रसाद, खुशबू मिश्रा, श्वेता चौबे आदि ने अपनी रचनाओं से कवि-सम्मेलन को ऊंचाई प्रदान की एवं श्रोताओं को आनंदित किया. संगीत शिक्षक चंदेश्वर प्रसाद कुशवाहा की मधुर प्रस्तुति ने सबको मोहित किया. कार्यक्रम में डॉ. शफी अहमद, डॉ. सुरेन्द्र राम, डॉ. कामेश्वर कुमार, डॉ.श्याम चंद्र गुप्त, मृत्युंजय दूबे, अशोक कुमार, लाल बाबू शर्मा, सोनू कुमार, नेहा कुमारी, राम कुमार, इमरान कुरैशी, आयुष कुमार के साथ विद्यालय के शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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