मुंगेर व जमालपुर विधानसभा में मतदान प्रतिशत बढ़ाना होगी चुनौती, धरातल पर मतदाता जागरूकता जरूरी

ऐसे विधानसभा मे मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी को टास्क भी सौंपा है.
– पिछली विधानसभा चुनाव में 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले विधानसभा में शामिल है मुंगेर व जमालपुर विधानसभा
– सरकारी कार्यालयों तक ही सिमट कर रह जाती है मतदाता जागरूकता अभियानमुंगेर
—————————बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में मतदान प्रतिशत बढ़ाना जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. क्योंकि राज्य में पिछले विधानसभा चुनाव में 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले विधानसभा में जिले के दो मुंगेर व जमालपुर विधानसभा भी शामिल है. कम मतदान प्रतिशत को लेकर भारत निर्वाचन आयोग और बिहार निर्वाचन आयोग चिंतित है और ऐसे विधानसभा मे मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी को टास्क भी सौंपा है. मुंगेर जिला प्रशासन और स्वीप कोषांग मतदान प्रतिशत बढ़ाने में कितना हद तक कारगर होता है, यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा.
कम मतदान वाले विस में शामिल है मुंगेर व जमालपुर
पिछले विधानसभा चुनाव में 50 प्रतिशत से कम मतदान वाले विधानसभा में राज्य के 12 विधान शामिल है. जिसमें मुंगेर जिले के मुंगेर और जमालपुर विधानसभा भी शामिल है. जानकारी के अनुसार मुंगेर विधानसभा चुनाव में पिछली विधानसभा चुनाव में मात्र 48.73 प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकारी का प्रयोग किया था. जबकि जमालपुर विधानसभा में मात्र 46.61 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. विदित हो कि कम मतदान प्रतिशत वाले 12 विधानसभा में जमालपुर विधानसभा चौथे नंबर पर है, जबकि मुंगेर विधानसभा आंठवे स्थान पर है. जिसके बाद मुंगेर जिला प्रशासन की खूब किरकिरी हुई थी.
सरकारी कार्यालयों में सिमट कर रह जाती है मतदाता जागरूकता अभियान
चुनाव के समय एक बड़ी राशि मतदाता जागरूकता अभियान पर खर्च किया जाता है. इसके लिए जहां अलग से कोषांग का गठन कर पदाधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती की जाती है. होडिंग व बैनर, दीवाल लेखन, विभिन्न तरह के प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है. मतदाता जागरूकता अभियान रथ निकाला जाता है. नुक्कड़ नाटक तक मंचन होता है. लेकिन स्वीप कोषांग का यह कार्य सरकारी कार्यालयों में तक ही सिमट कर रह जाता है और यह अभियान धरातल पर नहीं उतर पाता है. क्योंकि मतदाता जागरूकता अभियान में सरकारी महकमा का आपसी समन्वय और मॉनेटिरिंग सिस्टम काफी कमजोड़ है. जिसके कारण मतदाताओं तक इनका अभियान नहीं पहुंच पाता है और मतदाता चुनाव के प्रति जागरूक नहीं हो पाते और मतदान के दिन घरों में ही बैठे रह जाते है कि हम वोट नहीं देंगे तो क्या हो जायेगा.
मतदान प्रतिशत बढ़ाना जिला प्रशासन के लिए होगी चुनौती
50 प्रतिशत से कम मतदान प्रतिशत वाले विधानसभा में मुंगेर व जमालपुर विधानसभा भी शामिल है. इस बार के आगामी विधानसभा में मुंगेर जिला प्रशासन के लिए इन दोनों विधानसभा में मतदान प्रतिशत बढ़ाना एक बड़ी चुनौती साबित होगी. अगर इस बार भी जिला प्रशासन का स्वीप कोषांग और सरकारी महकमा आपसी समन्वय स्थापित कर मतदाता जागरूकता अभियान को शहर से लेकर गांव तक, हर घर तक दस्तक देने में नाकाम रहती है तो शायद ही मतदान प्रतिशत को 50 प्रतिशत के पार ले जा सकती है.
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———————————————–महिला आईटीआई में स्वीप जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मुंगेर : आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गुरुवार को स्वीप कोषांग की ओर से महिला औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र मुंगेर में स्वीप जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, जिला की स्वीप आईकॉन श्रृजा सेन गुप्ता, स्वीप कोषांग के नोडल पदाधिकारी सुनिरा प्रसाद, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुकन्या, महिला औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र की प्राचार्य पवन कुमार, डीपीओ आईसीडीएस गुंजन मौली ने भाग लिया. आईटीआई में शिक्षणरत छात्राओं द्वारा चित्रकला के माध्यम से रंगीन चित्र एवं वेस्टज मेटेरियल से डमी मतदान बुथ एवं उपकरण बनाकर मतदान करने के लिए मुंगेर के मतदाताओं को प्रेरित किया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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