Deoghar news : चेक बाउंस के दोषी को मिली दो साल की सजा

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Deoghar news : चेक बाउंस के दोषी को मिली दो साल की सजा

न्यायिक दंडाधिकारी स्वाति विजय उपाध्याय की अदालत से चेक बाउंस के दोषी सुरेश मंडल को दो वर्ष की सजा सुनायी गयी, साथ ही इसे 02 लाख 07 हजार 63 रुपये का जुर्माना लगाया,

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विधि संवाददाता, देवघर. न्यायिक दंडाधिकारी स्वाति विजय उपाध्याय की अदालत से चेक बाउंस के दोषी सुरेश मंडल को दो वर्ष की सजा सुनायी गयी, साथ ही इसे 02 लाख 07 हजार 63 रुपये का जुर्माना लगाया, जिसमें चेक बाउंस की राशि डेढ़ लाख रुपये शामिल है. जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर अलग से चार माह की कैद की सजा काटनी होगी. सजायाफ्ता दुमका जिले के सिसरानाथ गांव का रहने वाला है और इसके विरुद्ध नगर थाना के जून पोखर मोहल्ले निवासी अशोक साह ने 18 अगस्त 2022 को मुकदमा दाखिल किया था. दाखिल मुकदमा में उल्लेख है कि परिवादी से अभियुक्त ने 1.50 लाख रुपये लिया था व जमीन दिलाने का अश्वासन दिया था. बाद में न तो जमीन दी और न ही राशि वापस की. पैसों की मांग करने पर उक्त राशि का चेक दिया, जो बाउंस हो गया. वकालतन नोटिस देने के बाद भी अभियुक्त ने राशि नहीं लौटायी, तो मुकदमा किया. मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी की ओर से दो लोगों की गवाही दी गयी और दोष सिद्ध करने में सफल रहा. परिवादी व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी पाकर उक्त सजा सुनाई गयी व जुर्माना लगाया गया.

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फाल्गुनी मारिक

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By फाल्गुनी मारिक

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

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