कारोबारियों ने जी-सेवेन ग्रेड कोयले पर उठाये सवाल
Published by : DINESH PANDEY Updated At : 05 Jun 2026 8:17 PM
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चूरी खदान में कोयले की गुणवत्ता पर विवाद
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प्रतिनिधि, खलारी.
सीसीएल एनके एरिया अंतर्गत चूरी भूमिगत खदान से कोयला उठाव को लेकर गुणवत्ता विवाद सामने आया है. ऑनलाइन बीडिंग में जिस कोयले को हाई एनर्जी जी-सेवेन ग्रेड का बताया गया था, उसकी वास्तविक गुणवत्ता को लेकर कोयला कारोबारियों ने आपत्ति जतायी है. कारोबारियों का आरोप है कि बोली प्रक्रिया में उच्च गुणवत्ता वाले जी-सेवेन ग्रेड कोयले के नाम पर भारी कीमत चुकाने के बावजूद उन्हें अपेक्षाकृत कम गुणवत्ता वाला कोयला दिया जा रहा है. नियमों के अनुसार जी-सेवेन कोयले में फिक्स्ड कार्बन (एफसी) 40 से 50 प्रतिशत के बीच होना चाहिए, जबकि उपलब्ध कोयले में यह 40 प्रतिशत से कम पाया जा रहा है. इसी प्रकार जीसीवी (ग्रास कैलोरीफिक वैल्यू) 5600 से 5800 कैलोरी प्रति किलोग्राम होना चाहिए, जबकि प्राप्त कोयले में यह लगभग 4500 कैलोरी प्रति किलोग्राम दर्ज किया जा रहा है. गुणवत्ता में इस अंतर के कारण कई खरीदार कंपनियों ने कोयला उठाव से इनकार कर दिया है. कंपनियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का भुगतान किया है, लेकिन उन्हें सस्ता कोयला दिया जा रहा है, जो उनके उद्योग के लिए अनुपयोगी है.लक्ष्य के विपरीत मात्र पांच-छह ट्रक हो रहा काेयला उठाव :
प्रतिदिन लगभग 50 ट्रक कोयला उठाव का लक्ष्य निर्धारित है. वहीं वर्तमान में मात्र पांच से छह ट्रक ही कोयला उठाव हो पा रहा है. चिंतपूर्णी स्टील प्राइवेट लिमिटेड, सुंदरम स्टील प्राइवेट लिमिटेड, बिहार फाउंडरिंग एंड कास्टिंग लिमिटेड, अंजनिपुत्र पावर एंड एलायज प्राइवेट लिमिटेड सहित अन्य कंपनियों का लगभग 25 हजार टन कोयला उठाव लंबित है. वहीं करीब 10 हजार टन कोयले की नयी इ-बीडिंग भी हो चुकी है. इधर प्रबंधन द्वारा निर्धारित समय-सीमा में कोयला उठाव का दबाव बनाया जा रहा है. नियम के अनुसार समय-सीमा में उठाव नहीं होने पर प्रति 100 टन पर 20 हजार रुपये की कटौती का प्रावधान है, जिससे कारोबारियों की परेशानी और बढ़ गयी है. कोयला व्यापारियों ने मांग की है कि या तो इ-बीडिंग में घोषित जी-सेवेन गुणवत्ता का कोयला उपलब्ध कराया जाये अथवा उन्हें उठाव के लिए बाध्य नहीं किया जाये और जुर्माना कटौती में राहत दी जाये.सामान्य होगी स्थिति : अनुज कुमार :
वहीं मामले में चूरी परियोजना पदाधिकारी अनुज कुमार ने कहा कि लैब टेस्ट में कोयले का एफसी मान अपेक्षित स्तर के आसपास है. स्थिति सुधारने के प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि आनेवाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जायेगी.चूरी खदान में कोयले की गुणवत्ता पर विवाद
05 खलारी 01: चूरी का कोयला स्टाॅक.
05 खलारी 02 : चूरी परियोजना.B
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