ePaper

Motihari : धनौजी के कृष्णनंदन हत्याकांड में तीन को उम्रकैद की सजा, सुनवाई के समय तीन आरोपी हुए फरार

Updated at : 26 Sep 2025 6:28 PM (IST)
विज्ञापन
Motihari : धनौजी के कृष्णनंदन हत्याकांड में तीन को उम्रकैद की सजा, सुनवाई के समय तीन आरोपी हुए फरार

तृतीय सत्र न्यायालय के न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्र ने हत्या के एक मामले की सुनवाई कर तीन आरोपी को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सश्रम करावास सहित विभिन्न धाराओं में पचीस पचीस हजार रुपए जुर्माना भरने का आदेश दिया है.

विज्ञापन

अनुसंधानकर्ता ने छह आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में दायर किया था आरोप पत्र मृतका की पत्नी ने ग्यारह लोगों के विरूद्ध वर्ष 2022 में दर्ज करायी थी प्राथमिकी मोतिहारी . तृतीय सत्र न्यायालय के न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्र ने हत्या के एक मामले की सुनवाई कर तीन आरोपी को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सश्रम करावास सहित विभिन्न धाराओं में पचीस पचीस हजार रुपए जुर्माना भरने का आदेश दिया है. जुर्माना नहीं भरने पर दो वर्षों का अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है. वहीं सूचिका को पीड़ित घोषित करते हुए पीड़ित प्रतिकर अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा देने का आदेश दिया है.सजा पाने वालों में पकड़ीदयाल धनौजी के मनोज सिंह उर्फ पप्पु सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सियाराम सिंह, उर्फ श्रीराम सिंह, शामिल है. धनौजी के ही कृष्णनंनद सिंह की पत्नी निर्मला देवी ने पांच मई 2022 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें आरोप लगाया था कि वह पति व भैंसूर रामअयोध्या सिंंह के साथ अपने दरवाजे पर बैठी थी.उसी समय हरवे हथियार से लैस होकर प्रभाकर, प्रिंस, मंगल यादव, जितेंद्र यादव, अशोक कुमार, मनोज सिंह, सियाराम सिंह व धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने आकर पति कृष्णनंदन को लाठी व फरसा से मारने लगे. भैंसुर के साथ पति को बचाने गयी तो दोनों को भी जख्मी कर दिया. गंभीर रूप से जख्मी हुए कृष्णनंदन को इलाज के लिए भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. निर्मला के आवेदन पर पकड़ीदयाल थाने में ग्यारह लोगों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी. अनुसंधानकर्ता द्वारा साक्ष्य के आधार पर छह आरोपियों के विरूद्ध कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान तीन आरोपी फरार हो गये., जिसका पृथक वाद कर विचारण किया जा रहा है. शेष आरोपियों के विरूद्ध आरोप गठित कर सत्र वाद संख्या 960-22 दर्ज कर मामले की सुनवाई की गयी. अभियोजन पक्ष से एपीपी मो मोईनुल हक तथा वरीय अधिवक्ता डा नरेंद्र देव ने पक्ष रखा. दोनों पक्षों की दलिले सुनने के बाद न्यायालय ने सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMRESH KUMAR

लेखक के बारे में

By AMRESH KUMAR

AMRESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola