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महिलाओ के लिए वरदान साबित हो रही जीविका योजना

Updated at : 25 Sep 2025 7:43 PM (IST)
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महिलाओ के लिए वरदान साबित हो रही जीविका योजना

कुटुंबा के दो संकुल संघ में आयोजित हुई वार्षिक आमसभा, लाखों के निवेश से हजारों महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

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कुटुंबा के दो संकुल संघ में आयोजित हुई वार्षिक आमसभा

लाखों के निवेश से हजारों महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

कुटुंबा. प्रखंड क्षेत्र में संकुल स्तरीय अंबे जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, अंबा एवं नारी एकता जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के तत्वावधान में गुरुवार को वार्षिक आम सभा आयोजित की गयी. इस दौरान संबधित समूह के अधिकारी व कर्मी शामिल हुए. कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 के कार्यों की समीक्षा की गई.इसके साथ हीं अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गयी. कार्यक्रम का शुभारंभ संकुल संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार पाठक, चंदन कुमार बीपीएम रंजय राय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. आमसभा में दोनों संकुल संघ से जुड़े ग्राम संगठनों के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष तथा जीविका कैडरों ने सक्रिय रूप से भाग लिया. अध्यक्ष ने कहा कि जीविका में बेहतर करने के लिए जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की जरूरत है. क्रांतिकारी परिवर्तन समिति की अध्यक्ष ने अपने संबोधन में बताया कि जीविका के प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है. स्वयं सहायता समूहों और ग्राम संगठनों के गठन व पर्याप्त आर्थिक मदद मिलने के कारण हजारों दीदियों की आजीविका में सुधार हुआ है. समूह से जुड़े सदस्यों का जीवन स्तर ऊपर उठा है. समूह से ऋण लेकर हजारों महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के स्वरोजगार के कार्य शुरू की हैं. जीविका के साथ-साथ बैंकों ने भी समूह को ऋण देकर इसमें महती भूमिका निभायी है. राज्य सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना जैसी पहल के तहत प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग भी स्वरोजगार गतिविधियों में किया जायेगा. 10 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, प्रशिक्षण शक्ति से जीविका के प्रयासों की सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है. दोनों संकुल संघ में, जीविका की मदद से, विभिन्न समूह और ग्राम संगठनों को करीब 10 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गयी है. इसके अतिरिक्त, बैंक ऋण के माध्यम से भी करोड़ों रुपये की मदद समूहों तक पहुंची है. यहां तक कि जीविका द्वारा समय-समय पर आयोजित किये गये विभिन्न क्षमता वर्धन प्रशिक्षण से भी हजारों महिलाओं को नया आयाम मिला है. प्रशिक्षणों में दीदियों ने मशरूम उत्पादन, स्ट्रॉबेरी कृषि, सब्जी उत्पादन और अन्य स्वरोजगार की शुरुआत की है. सतत जीविकोपार्जन योजना से जुड़ी दीदियों को भी विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा गया है.

अंबा संकुल संघ का बेहतर प्रदर्शन

प्रशिक्षक अधिकारी श्री पाठक ने बताया कि अंबे जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, अंबा ने प्रगति के नये कीर्तिमान स्थापित किया हैं. समिति में अब तक कुल 9,410 सदस्य जुड़े हैं, जो 817 स्वयं सहायता समूहों और 57 ग्राम संगठनों के माध्यम से कार्य कर रहे हैं. सदस्यों में कृषि कार्य में 5,500 दीदी, किचन गार्डन में 5,400, मुर्गी पालन में 4,000, बकरी पालन में 3,500 दीदी शामिल हैं. इससे हजारों दीदियों की मासिक आमदनी 10 हजार से 15 हजार रुपये तक हो रहा है.

सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय समावेशन

अधिकारियों ने बताया कि अंबा संकुल संघ अंतर्गत 109 अत्यंत गरीब जीविका दीदियों को सतत जीविकोपार्जन योजना से जोड़कर उन्हें स्थायी आजीविका प्रदान की गयी है. जीविका दीदियों को अन्य सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए भी व्यापक कार्य किया गया है. बीपीएम ने बताया कि आवास योजना में 4000, मनरेगा जॉब कार्ड में 3500, आयुष्मान कार्ड में 2014,दिव्यांग योजना में 254, वृद्धा पेंशन में 204, विधवा पेंशन में 108 जीविका दीदियों ने सराहनीय भूमिका निभाई है.

अंबा संकुल संघ में फंड का किया गया वितरण

जीविका परियोजना द्वारा अंबे जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, अंबा के अंतर्गत समूह एवं ग्राम संगठनों को विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये की राशि प्रदान की है. अधिकारियो ने बताया कि आइसीएफ मद में छह करोड़ 24 लाख, एफएसएफ मद में 20 लाख 50 हजार, हेल्थ रिस्क फंड में 20 लाख 50 हजार रुपये का निवेश किया गया है. प्रबंधक ने बताया कि वार्षिक आम सभा जीविका की सामुदायिक निवेश, वित्तीय अनुशासन एवं सामाजिक सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. आगामी वित्तीय वर्ष में संकुल संघ ने अधिक व्यापक तथा परिणामोन्मुखी कार्य योजना के साथ ग्रामीण विकास के पथ पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है. इस दौरान अलग-अलग समूह के दर्जनों की संख्या में जीविका दीदियां शरीक हुई. सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं कें लिए जीविका परियोजना वरदान साबित हो रही है. मध्यमवर्गीय व गरीब तबके के महिलाओं के जीविकोपार्जन लिए जीविका परियोजना से अपार संभावनाएं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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