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बाल विवाह के रोकथाम को लेकर समाज को जागरूक किया गया

Updated at : 01 Sep 2025 11:04 PM (IST)
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बाल विवाह के रोकथाम को लेकर समाज को जागरूक किया गया

बाल विवाह के रोकथाम को लेकर समाज को जागरूक किया गया

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महुआडांड़़ अनुमंडल सभागार में सोमवार को बाल विवाह की रोकथाम को लेकर एसडीओ बिपिन कुमार दुबे की अध्यक्षता में बैठक सह कार्यशाला आयोजित की गयी. बैठक में बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति, कानूनी प्रावधान और समाज में जागरूकता फैलाने पर विस्तृत चर्चा हुई. जानकारी दी गयी कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कठोर प्रावधान हैं. लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष तय की गयी है. बाल विवाह कराने, उसमें शामिल होने या बढ़ावा देने वालों को दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. बैठक में पंचायत स्तर पर बाल विवाह की निगरानी रखने, स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने, धार्मिक एवं सामाजिक नेताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और सूचना मिलने पर हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने पर जोर दिया गया. एसडीओ दुबे ने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर असर डालता है. उन्होंने समाज से मिलकर इस बुराई को समाप्त करने का आह्वान किया. मौके पर एसडीपीओ शिवपूजन बहेलिया, जिला परिषद सदस्य इस्तेला नगेशिया, बीडीओ सह सीओ संतोष कुमार बैठा, थाना प्रभारी मनोज कुमार, प्रखंड प्रमुख कंचन कुजूर, फादर दिलीप एक्का, इफ्तिखार अहमद, अजित पाल कुजूर समेत कई लोग मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAILESH AMBASHTHA

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