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संगोष्ठी: बाजार संग विचार की भाषा बने हिंदी

Updated at : 10 Jan 2026 8:46 PM (IST)
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संगोष्ठी: बाजार संग विचार की भाषा बने हिंदी

<P><H2>वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर </H2></P>बीआरएबीयू के हिंदी विभाग में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया. सरस्वती सभागार में विभागाध्यक्ष प्रो सुधा ने कहा कि हिंदी अद्भुत ग्रहणशीलता के कारण आज वैश्विक स्तर

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बीआरएबीयू के हिंदी विभाग में विश्व हिंदी दिवस मनाया गया. सरस्वती सभागार में विभागाध्यक्ष प्रो सुधा ने कहा कि हिंदी अद्भुत ग्रहणशीलता के कारण आज वैश्विक स्तर पर तकनीक व रोजगार की भाषा बनकर उभरी है. वैश्वीकरण के दौर में हिंदी को केवल बाजार तक सीमित न रहकर विचार की भाषा बनना होगा. विशिष्ट वक्ता प्रो कल्याण झा ने तकनीकी शब्दावली को अपनाने और प्रो कुमारी आशा ने हिंदी को संस्कार की भाषा के रूप में सहेजने पर बल दिया. कार्यक्रम में डॉ वीरेंद्र नाथ मिश्र, डॉ राकेश रंजन व डॉ सुशांत, डॉ साक्षी शालिनी सहित कई प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र उपस्थित रहे.

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हिंदी के सम्मान की शपथ ली

मुजफ्फरपुर.

रामेश्वर महाविद्यालय में प्राचार्य प्रो श्यामल किशोर ने कहा कि हिंदी केवल मातृभाषा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता व संस्कृति का गौरवशाली प्रतीक है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार व इसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए छात्रों को जागरूक किया. एनएसएस पदाधिकारी डॉ शारदानंद साहनी ने हिंदी के प्रति स्वयं जागरूक होने व समाज को प्रेरित करने की बात कहीं. डॉ सुमित्रा, डॉ वसीम रेजा व डॉ गोवर्धन सहित सैकड़ों स्वयंसेवकों ने हिंदी के सम्मान की शपथ ली.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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