साऊमरांगबेड़ा में नहीं है सड़क, पगडंडी ही सहारा
Published by :Prabhat Khabar News Desk
Published at :08 Dec 2024 6:08 PM (IST)
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<P>प्रतिनिधि, खूंटी</P>अड़की प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती तोड़ांग पंचायत के साऊमरांगबेड़ा गांव में सड़क नहीं है. सड़क के अभाव में लोग दो किलोमीटर तक पगडंडी से आवागमन करने को विवश हैं.
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प्रतिनिधि, खूंटी
अड़की प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती तोड़ांग पंचायत के साऊमरांगबेड़ा गांव में सड़क नहीं है. सड़क के अभाव में लोग दो किलोमीटर तक पगडंडी से आवागमन करने को विवश हैं. बीच में करकरी नदी है. पुल नहीं है. लोगों को नदी पार कर जाना पड़ता है. साऊमरांगबेड़ा गांव के टोला मरांगबेड़ा, चांडीपीड़ी, बुरुडीह और साऊमरांबेड़ा में 400 से अधिक लोग रहते हैं. सभी टोला उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय साऊमरांगबेड़ा में 48 बच्चे पढ़ने आते हैं. विद्यालय में कड़ाकासम से पारा शिक्षक पौलूस हेरेंज प्रतिदिन नदी पार कर पैदल ही स्कूल पहुंचते हैं. सबसे अधिक परेशानी बारिश के दिनों में होती है. जब नदी भर जाता है तो विद्यार्थी और शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है. गांव में किसी को गंभीर बीमारी हो या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो मरीज को चारपाई में बैठाकर पहाड़ी रास्ते में चार किलोमीटर से भी ज्यादा दूर पगडंडी के रास्ते से ही लेबेद तक पहुंचना पड़ता है. इसके बाद एंबुलेंस या निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विधायक, सांसद और अधिकारियों को सड़क और पुल बनाने का आवेदन दिया है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई है.क्या कहते हैं ग्रामीण
बगनु मुंडा :
सड़क नहीं होने से ग्रामीण आज भी सदियों पीछे हैं. ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द सड़क और पुलिया बनाया जाये.गोपाल स्वांसी :
अब बुढ़ा हो चुका हूं. मैं आने वाले पीढ़ी के लिए चिंतित हूं. सड़क के नहीं रहने से सभी ग्रामीण परेशानी में जी रहे हैं.मंगरा मुंडा :
बारिश के दिनों में गांव पूरी तरह से कट जाता है. जरूरी काम से न कोई बाहर जा पाता है और न बाहर से कोई आ पाता है.सोमा मुंडा :
गांव के युवा वर्ग अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहा है. पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है. इसके कारण हम सभी पिछड़ते जा रहे हैं.सोमरा मुंडा :
सड़क और पुल के अभाव में गांव के बच्चे और युवा पढ़ाई के साथ-साथ सभी में पिछड़ जा रहे हैं. गांव की तरक्की नहीं हो रही है.सुकरू देवी :
महिलाओं का जीवन तो नारकीय हो गया है. बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. वहीं, कई तरह की परेशानी होती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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