रेल लाइनें व प्लेटफॉर्म के नीचे चूहों के सुरंगों का बढ़ रहा नेटवर्क, संरचना पर खतरा
Updated at : 16 Nov 2025 7:59 PM (IST)
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<P><H2>वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर </H2></P>जंक्शन पर चूहों का बढ़ता आतंक अब रेल प्रशासन के लिए महज चुनौती नहीं, बल्कि सुरक्षा का गंभीर संकट बन गया है. प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक के
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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
जंक्शन पर चूहों का बढ़ता आतंक अब रेल प्रशासन के लिए महज चुनौती नहीं, बल्कि सुरक्षा का गंभीर संकट बन गया है. प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक के नीचे चूहों ने सुरंगों का ऐसा जाल बिछा दिया है, कि स्टेशन की पूरी संरचना कमजोर पड़ने लगी है. चूहों की इस जनसंख्या विस्फोट के कारण रेलवे की संपत्ति और यात्री सुरक्षा दोनों पर प्रश्नचिह्न लग गया है. स्टेशन परिसर में, खासकर रेल लाइनों के किनारे और प्लेटफॉर्म के पास चूहों की उछल-कूद आम हो गई है. उनके द्वारा बनाए गए बिल और सुरंगें लगातार मिट्टी को ढीला कर रही हैं, जिससे ट्रैक और प्लेटफॉर्म की स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है.संरचना पर गंभीर चुनौती
प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक के नीचे चूहों के बिलों का घनत्व बढ़ने से मिट्टी लगातार धंस रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह नेटवर्क स्टेशन की नींव को हिला सकता है, जिससे किसी भी भारी ट्रेन आवाजाही के दौरान संरचनात्मक विफलता का जोखिम बढ़ जाएगा.ऑपरेशनल उपकरणों को नुकसान
इसी महीने, चूहों ने अपनी गतिविधियों का दायरा बढ़ाते हुए यूटीएस बिल्डिंग को निशाना बनाया. एक साथ कई टिकट प्रिंटर को कुतरने से उनका संचालन ठप हो गया. यह घटना बताती है कि चूहों का आतंक अब केवल ट्रैक तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे रेलवे के महत्वपूर्ण सेवा उपकरणों को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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