Buxar News: धनुष टुटने की खबर पर आग-बबुला हुए परशुराम
Published by :RAVIRANJAN KUMAR SINGH
Published at :26 Sep 2025 6:19 PM (IST)
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विजयादशमी महोत्सव के उपलक्ष्य में चौसा रामलीला मंच पर चल रहे रामलीला के छठवें दिन धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन किया गया.
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चौसा
. विजयादशमी महोत्सव के उपलक्ष्य में चौसा रामलीला मंच पर चल रहे रामलीला के छठवें दिन धनुष यज्ञ प्रसंग का मंचन किया गया. स्थानीय युवाओं के द्वारा मंचन किये जा रहे इस रामलीला में धनुष-यज्ञ प्रसंग में दिखाया गया कि यज्ञ में देश विदेश के राजा पहुंचकर सीता को पाने की चेष्टा में लगे थे. मर्यादा की प्रतिमूर्ति सुकुमारी सीता राम के सौंदर्य को बार बार निहार इस प्रार्थना में लगी रहीं कि श्यामल गौड़ वर्ण का राजकुमार जिनका प्रथम दर्शन फूलवाड़ी में फूल तोड़ने के क्रम में हुआ वे हीं इस धनुष को तोडें. इसके लिए वे प्रार्थना में लगी थीं. दूसरी ओर अप्रतिम सौंदर्य से सुशोभित सीता अपने पिता जनक को भी कोस रही हैं कि इतने विशाल और कठोर धनुष को तोड़ने का कठिन प्रण से युक्त स्वयंवर क्यों रचाया है. कोमल सुंदर राजकुमार श्रीराम को धनुष यज्ञ के महोत्सव में सीता पलक उठाकर निहारती है और फिर शिव के कठिन धनुष को प्रभु श्रीराम ने तोड़ डाला. धनुष टूटते ही पुरा रामलीला स्थल राम-जानकी की जयकार से गूंज उठा. राजा जनक द्वारा जनक नंदनी के लिए आयोजित स्वयंबर में परशुराम की धनुष को जैसे ही प्रभु राम तोड़ने है वैसे ही पुरा परिसर जय श्रीराम की नारों से गुंजायमान हो उठता है तभी परशुराम पंहुचते है और भगवान शिव का धनुष टुटने पर काफी क्रोधित हो उठते है. जिनको काफी सरलता से प्रभु राम शांत करते है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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