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ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करना आज की पीढ़ी का दायित्व

Updated at : 19 Sep 2025 8:03 PM (IST)
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ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करना आज की पीढ़ी का दायित्व

<P><H2>चेतना प्रज्ञा प्रवाह व एलएनटी कॉलेज के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजन</H2></P><H2>उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर</H2><P>चेतना प्रज्ञा प्रवाह उत्तर बिहार प्रांत व एलएनटी कॉलेज के संयुक्त तत्त्वावधान में भारत बोध विषय पर व्याख्यानमाला

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चेतना प्रज्ञा प्रवाह व एलएनटी कॉलेज के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजन

उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

चेतना प्रज्ञा प्रवाह उत्तर बिहार प्रांत व एलएनटी कॉलेज के संयुक्त तत्त्वावधान में भारत बोध विषय पर व्याख्यानमाला हुई. अध्यक्षता प्राचार्या डॉ ममता रानी ने की. उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की उन अदृश्य व विस्मृत होती धाराओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन्हें संजोना व पुनर्जीवित करना आज की पीढ़ी का दायित्व है. उन्होंने अपने विचारों से छात्रों व शिक्षकों को इस दिशा में चिंतन हेतु प्रेरित किया. मुख्य वक्ता डॉ देवेंद्र प्रताप तिवारी ने कहा कि भारत केवल एक राष्ट्र-राज्य नहीं, बल्कि दर्शन, परंपरा व सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने भारत के दार्शनिक चिंतन व परंपरागत धरोहरों का उल्लेख करते हुए यह स्पष्ट किया कि इन मूल्यों की आधारशिला पर ही आज का भारत खड़ा है. जयकांत सिंह, चेतना प्रज्ञा प्रवाह के विभाग संयोजक कन्हैया सिंह, आशीष सिंह, विभाग संघचालक चंद्रमोहन खन्ना व डॉ संतोष अनल ने भी विचार रखे. वक्ताओं ने भारत की परंपरा, सांस्कृतिक चेतना व राष्ट्रीय अस्मिता के विविध आयामों पर अपनी बात रखी. संयोजन व मंच संचालन डॉ अर्चना सिंह ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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