एक्सीडेंट क्लेम में मुआवजा प्रक्रिया की दी गयी जानकारी

Edited by ANAND JASWAL
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मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया, कानूनों और प्रावधानों के सरलीकरण पर विस्तार से चर्चा की गयी.

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प्रतिनिधि, दुमका कोर्ट डालसा के तत्वावधान में शुक्रवार को न्याय सदन में मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल को लेकर कार्यशाला हुई. शुभारंभ द्वितीय अपर जिला जज प्रकाश झा, जिला जज तृतीय राजेश सिन्हा, जिला जज पंचम योगेश कुमार सिंह, सीजेएम अनूप तिर्की, डालसा सचिव उत्तम सागर राणा और मुख्यालय डीएसपी इकुड़ डुंगडुंग ने किया. इसमें मोटर दुर्घटना के पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया, कानूनों और प्रावधानों के सरलीकरण पर विस्तार से चर्चा की गयी. जिला जज द्वितीय प्रकाश झा ने बताया कि सड़क हादसे की रिपोर्ट से जुड़े कागजात पुलिस को 30 दिनों के भीतर न्यायालय में पेश करने होंगे. ऐसा नहीं होने पर पुलिस को कोर्ट में सूचना देनी होगी. उन्होंने थाना प्रभारियों से कहा कि वे इस दिशा में और बेहतर कार्य कर सकते हैं. जिला जज तृतीय राजेश सिन्हा ने कहा कि दुर्घटना के बाद इंश्योरेंस कंपनी को तत्काल सूचना और आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है. उन्होंने पुराने मामलों में मुआवजा देने में हो रही देरी पर चिंता जतायी. मुख्यालय डीएसपी ने पुलिस पदाधिकारियों से कर्त्तव्यनिष्ठा के साथ भूमिका निभाने की अपील की. उन्होंने कहा कि बिना पुलिस और इंश्योरेंस कंपनी के सहयोग के पीड़ितों को मुआवजा दिलाना संभव नहीं है. कार्यशाला का समापन डीएलएसए सचिव ने किया.

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