hajipur news. जंदाहा में अवैध रूप से संचालित चार नर्सिंग होम सील, दो रजिस्टर्ड नर्सिंग होम से शोकॉज

Edited by GANGESH GUNJAN
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<P>महुआ. जंदाहा प्रखंड में संचालित नर्सिंग होम और क्लिनिकों का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान चार अवैध रूप से संचालित अस्पतालों को सील कर दिया गया, जबकि

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महुआ. जंदाहा प्रखंड में संचालित नर्सिंग होम और क्लिनिकों का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान चार अवैध रूप से संचालित अस्पतालों को सील कर दिया गया, जबकि दो पंजीकृत अस्पतालों की भी जांच की गयी. निरीक्षण महुआ एसडीओ किशलय कुशवाह, सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन प्रसाद और एमओइ, पीएचसी जंदाहा की संयुक्त टीम ने की. जांच के दौरान पाया गया कि कई निजी क्लीनिक बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे, जहां चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन निरीक्षण के समय कोई भी स्वास्थ्यकर्मी या डॉक्टर मौजूद नहीं था. निरीक्षण के दौरान ऋषभ चाइल्ड केयर क्लीनिक, नव जीवन हेल्थ केयर, मां शोभा हॉस्पिटल और हैप्पी लाइफ इमरजेंसी हॉस्पिटल को बिना पंजीकरण अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर सील कर दिया गया. साथ ही प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश एमओआइसी को दिया गया.

निरीक्षण के दौरान पाया गया ऋषभ चाइल्ड केयर क्लीनिक एक निजी मकान में संचालित हो रहा था, जहां एनआइसीयू से जुड़ी चार मशीनें, मरीजों के लिए बेड और क्लीनिक का लेटरहेड मिला. निरीक्षण के दौरान सभी कर्मी फरार हो गए. नव जीवन हेल्थ केयर में ऑपरेशन थियेटर, सात बेड और डॉक्टरों के नाम वाले लेटरहेड पाये गये. यहां भी सभी कर्मी गायब थे. मां शोभा हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सिलेंडर, छह बेड, एक छोटा ओटी और दवाइयां पायी गयी. यहां भर्ती एक महिला मरीज का 16 मार्च को बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था, जिसे प्रशासन ने अपने संरक्षण में लेकर इलाज के लिए पीएचसी जंदाहा भेज दिया. हैप्पी लाइफ इमरजेंसी हॉस्पिटल में 9 बेड, ऑपरेशन थियेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर पाये गये. अस्पताल के बाहर इसके डायरेक्टर रोहित कुमार का नाम और मोबाइल नंबर अंकित एक पंफ्लेट चिपका हुआ मिला. इन चारों अस्पतालों में जंदाहा बीडीओ, थानाध्यक्ष व एमओआइसी की उपस्थिति में सील किया गया.

दो पंजीकृत अस्पतालों की भी जांच

: अपना चाइल्ड केयर और एडवांस चाइल्ड केयर हॉस्पिटल को असैनिक शल्य चिकित्सा पदाधिकारी, वैशाली से पंजीकृत पाया गया. हालांकि, निरीक्षण के दौरान कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था. प्रशासन ने दोनों अस्पतालों के प्रबंधकों से कार्यरत चिकित्सकों और कर्मचारियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा. एमओआईसी, जंदाहा को निर्देश दिया गया कि उनके प्रमाण-पत्रों की जांच कर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, वैशाली को रिपोर्ट भेजें तथा उनसे शोकॉज करें. निरीक्षण टीम ने बिना पंजीकरण के संचालित सभी अस्पतालों के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया.

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