Ranchi news : राज्य में 212 करोड़ से चलेगी उद्यान विकास की योजना

Edited by RAJIV KUMAR
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राज्य सरकार की योजना के तहत युवाओं को माली का प्रशिक्षण दिया जायेगा. राज्यादेश जारी. मिर्च, ओल, अदरक और फूलों की खेती करायी जायेगी.

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रांची.

झारखंड में चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में 212 करोड़ रुपये की लागत से उद्यान विकास की योजना चलेगी. उद्यान विकास की योजना राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय से चलती है. जहां केंद्र सरकार की योजना चलती है, वहां राज्य की योजना नहीं चलती है. राज्य सरकार की योजना से चलने वाली स्कीम का विभाग ने राज्यादेश जारी कर दिया है. इस पर करीब 98 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.

राज्य सरकार की योजना के तहत युवाओं को माली का प्रशिक्षण दिया जायेगा. मिर्च की खेती करायी जायेगी. ओल और अदरक की खेती होगी. खुले वातावरण में फूलों की खेती करायी जायेगी. संरक्षित फूलों की खेती के साथ-साथ गृह वाटिका की स्थापना भी की जायेगी. सब्जी की तकनीकी खेती का प्रत्यक्षण कराया जायेगा. मशरूम की खेती करायी जायेगी. मशरूम उत्पादकों को प्रशिक्षण के साथ-साथ कीट रहित एग्जॉटिक सब्जी उत्पादन इकाई की स्थापना करायी जायेगी. टिशू कल्चर से स्ट्रॉबेरी और केला की खेती करायी जायेगी. किसानों को पॉली हाउस तथा नर्सरी विकास में भी सहयोग किया जायेगा.

600 हेक्टेयर में करायी जायेगी गेंदा की खेती

कृषि विभाग ने तय किया है कि इस योजना के तहत राज्य के आठ जिलों रांची, हजारीबाग, पलामू, गढ़वा, चतरा, धनबाद, देवघर और दुमका में गेंदा फूल, ग्लोडियोलस, स्ट्रॉबेरी, मिर्च, बैंगन आदि की खेती करायी जायेगी. करीब 600 हेक्टेयर में गेंदा फूल की खेती करायी जायेगी. रांची, हजारीबाग और देवघर में 200-200 हेक्टेयर में गेंदा फूल की खेती करायी जायेगी. रांची में 50 हेक्टेयर में ग्लोडियोलस और 100 हेक्टेयर में अदरक की खेती करायी जायेगी. पलामू में 50 हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी, गढ़वा और चतरा में 100-100 हेक्टेयर में मिर्च, धनबाद में 500 हेक्टेयर में बैंगन और दुमका में 50 हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की खेती करायी जायेगी.

200 घंटे का दिया जायेगा प्रशिक्षण

इस योजना के तहत युवाओं को माली का प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके लिए युवाओं को भारत या राज्य सरकार के मान्यता प्राप्त कृषि संस्थान, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय व जिलों के कृषि विज्ञान केंद्र से करीब 200 घंटे का प्रशिक्षण दिलाया जायेगा. प्रशिक्षण 25 दिनों तक चलेगा. माली प्रशिक्षण के लिए प्रति दिन प्रति माली 220 रुपये दिये जायेंगे. प्रशिक्षण के लिए योग्य माली की उम्रसीमा 20 से 45 साल तक होनी चाहिए. इसके लिए 10वीं पास होना जरूरी है. कृषि उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र में अनुभव को लाभ दिया जायेगा. ग्राम पंचायत, वार्ड सदस्य, मुखिया द्वारा अनुमोदित कृषकों को प्रशिक्षण में प्राथमिकता दी जायेगी. रांची, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम, प सिंहभूम, सरायकेला, साहिबगंज, जामताड़ा, पाकुड़ और दुमका के 300 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा. वहीं, हजारीबाग, रामगढ़, देवघर, गोड्डा, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा, गढ़वा, धनबाद, पलामू एवं बोकारो में 150 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा.

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