घाटशिला
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घाटशिला के प्रमुख पर्यटक स्थल बुरुडीह डैम के पास रविवार शाम में बोलेरो अनियंत्रित होकर पिकनिक मना रहे लोगों पर चढ़ गयी थी. इससे डिमना और सोनारी के सात लोग घायल हो गये थे. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बोलेरो में आग लगा दी थी. इस घटना से पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गयी और प्रशासन के दावे बेअसर हो गये. साथ ही नौका संचालन, स्वच्छता समिति और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो गये. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो लोगों के आपसी विवाद के दौरान बोलेरो में आग लग गयी और देखते ही देखते वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया. घटना के वक्त स्थानीय समिति और पुलिस मौके पर मौजूद थी, पर पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण आग पर तुरंत काबू नहीं पाया जा सका. जिस स्थान पर वाहन जला, वहां तक पानी पहुंचाना बेहद मुश्किल बताया गया. हालांकि घाटशिला पुलिस, बुरुडीह निवासी सुमन महतो, जोसेफ मुर्मू एवं आसपास के लोगों की तत्परता से घायलों को घाटशिला अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया. घटना के अगले दिन सोमवार को स्थिति सामान्य रही. पर्यटकों का आवागमन जारी रहा. नौका संचालन भी पूर्ववत जारी रहा.बुरुडीह डैम को विकसित किया जाये
हीरागंज टिकरी मत्स्य सहयोग समिति के अध्यक्ष प्रफुल्लो सिंह ने बताया कि वे वर्ष 2007 से मत्स्य पालन का कार्य कर रहे हैं. वर्तमान में अनुमंडल प्रशासन के आदेश पर लकड़ी की नाव से नौका संचालन हो रहा है. कहा कि पर्यटकों की संख्या को देखते हुए बेहतर नौका और स्थायी सुविधाओं की जरूरत है. फिलहाल केवल लाइफ जैकेट उपलब्ध कराये गये हैं. स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों ने बताया कि वर्ष 2018-19 से बुरुडीह को विकसित करने की मांग लगातार की जा रही है, पर पहल नहीं की जा रही है. कालचीती पंचायत के मुखिया बैद्यनाथ मुर्मू ने कहा कि बुरुडीह के विकास से जुड़ी सभी समस्याओं से प्रशासन अवगत है, पर पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जाता है. फिलहाल घाटशिला पुलिस घटना की जांच में जुटी है. पुलिस के अनुसार अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है.कैफेटेरिया, खेल सामग्री और शौचालय जर्जर
पर्यटकों ने बताया कि बरसात के दौरान सड़क का भारी कटाव हो जाता है. इससे बड़े वाहनों का आवागमन मुश्किल हो जाता है. क्षेत्र में लगभग 120 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं. इसमें अधिकांश खराब पड़ी हैं. दो हाइमास्ट लाइट में केवल एक चालू है. वहीं बुरुडीह कैफेटेरिया, खेल सामग्री और शौचालयों की स्थिति भी जर्जर बनी हुई है. खेल उपकरणों का आजतक नवीकरण नहीं हुआ.
सड़क, रोशनी व मूलभूत सुविधाओं की कमी
बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के पिंगला थाना के नया बाजार समिति के अध्यक्ष प्रताप पाणि लगभग 65 लोगों के साथ सोमवार को बुरुडीह पहुंचे. बताया कि वे कई वर्षों से यहां पिकनिक मनाने आ रहे हैं. स्थानीय लोग पर्यटकों के साथ सहयोगी व्यवहार करते हैं, पर सड़क की स्थिति बदहाल है. रोशनी, शौचालय और अन्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से बनी है. जबकि कोलकाता से आये पर्यटक अनुराधा बोस, रुपाली दास, सोमा सरकार ने फूलडुंगरी से लेकर बुरूडीह तक जर्जर सड़क, डैम में साफ-सफाई मूलभूत सुविधा पर भी सवाल उठाये.बुरुडीह डैम की घटना गंभीर है. दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन अपने स्तर से कार्रवाई करेगा. बताया कि बुरुडीह डैम में पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है. इसे देखते हुए पूरी रिपोर्ट तैयार करा कर विकास की दिशा में पहल की जायेगी. घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट लेकर आवश्यक कदम उठाये जायेंगे. –कर्ण सत्यार्थी
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