लोभ पर विजय प्राप्त करना ही उत्तम शौच धर्म : निवेश शास्त्री

Edited by SAROJ TIWARY
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लोभ पर विजय प्राप्त करना ही उत्तम शौच धर्म : निवेश शास्त्री

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:::जिनालयों में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन विधि-विधान के साथ पूजा

रामगढ़. दिगंबर जैन समाज, रामगढ़ के तत्वावधान में दोनों जिनालयों में रविवार को दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा विधि-विधान के साथ हुई. दोनों जिनालयों में सुबह से ही जैन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजन अभिषेक की क्रिया रामगढ़ जिनालय में पंडित निवेश शास्त्री व रांची रोड जिनालय में पंडित पंकज शास्त्री के सानिध्य में हुई. शौच धर्म की जानकारी देते हुए दिगंबर जैन समाज के उपाध्यक्ष राजू पाटनी ने बताया कि शौच का अर्थ है पवित्रता. अपने हृदय में मद क्रोधादिक बढ़ाने वाली जितनी भी दुर्भावना है, उनमें सबसे प्रबल लोभ है. इस लोभ पर विजय पाना ही उत्तम शौच धर्म है. इससे पूर्व, उत्तम शौच धर्म के उपलक्ष्य में रामगढ़ जिनालय में प्रथम जलाभिषेक का सौभाग्य जीवनमल जंबू पाटनी परिवार, पुष्पा अजमेरा परिवार, अशोक, अमित काला परिवार, राजेंद्र, राजेश चूड़ीवाल परिवार, मांगीलाल व मनोज चूड़ीवाल व शांतिधारा का सौभाग्य अशोक व विकास परिवार व पुष्पा अजमेरा को प्राप्त हुआ. रांची रोड जिनालय में प्रथम अभिषेक विनय जैन, शांति धारा का सौभाग्य मैना देवी सेठी परिवार को प्राप्त हुआ. दिगंबर जैन समाज के सचिव योगेश सेठी ने बताया कि दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन उत्तम संयम धर्म की पूजा होगी. सेठी व श्रवण जैन ने बताया कि शाम में महाआरती का आयोजन भी किया जा रहा है.

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